दिल्ली में बढ़ती राजनीतिक गतिविधियां
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर पिछले दो दिनों से युवा प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने राजधानी को सुरक्षा के लिहाज से छावनी में तब्दील कर दिया है और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का काम भी जारी है। विपक्ष ने सोमवार को सड़क पर उतरने की योजना बनाई है, जिसमें सीजेपी के नेता सुबह 10 बजे संसद मार्ग थाने जाकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए मंजूरी मांगेंगे।
इस परिदृश्य में आज का दिन भी विवादों से भरा रहने की उम्मीद है। दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया है, जिससे यह संभावना बढ़ रही है कि विपक्षी नेताओं और सीजेपी के प्रतिनिधियों को फिर से हिरासत में लिया जा सकता है।
विपक्ष का इंडिया गेट से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने घोषणा की है कि वह आज दोपहर 1.30 बजे विपक्षी नेताओं के साथ इंडिया गेट से सुप्रीम कोर्ट के लिए मार्च करेंगे। उनका इरादा है कि वह मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना से मिलकर अपनी चिंताओं को साझा करें। हालांकि, एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद, कांग्रेस ने अपने निर्णय में बदलाव नहीं किया है और वे सीजेआई से मिलने की जिद पर अड़े हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कल कहा था कि दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर लगी बैरिकेडिंग को हटाया जाए और आम जनता की आवाजाही को सुगम बनाया जाए। साथ ही, इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने और मेट्रो सेवाओं को सामान्य बनाने का भी आदेश दिया गया था, लेकिन आज 6 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
कांग्रेस का चुनाव आयोग में हस्तक्षेपी की मांग
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग के लिए मुख्य न्यायाधीश से मिलने का समय मांगा था, लेकिन सीजेआई ने इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। बताया जा रहा है कि सीजेआई ने उन्हें यह बताया है कि जिस विषय पर वे चर्चा करना चाहते हैं, उस पर पहले से ही अदालत में सुनवाई चल रही है।
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मिलकर अपनी चिंताओं का ज्ञापन सौंपा था।
मार्च में शामिल होने की अपील
राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हों, जिसे उन्होंने वोटिंग राइट्स के संरक्षण की लड़ाई करार दिया है। उन्होंने इसे 'करो या मरो' की लड़ाई बताते हुए लोगों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए भाग लेने का आह्वान किया है।
सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास और कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह सहित अन्य नेता भी आज सुबह 10 बजे संसद मार्ग थाने जाएंगे ताकि प्रदर्शन की तारीख निर्धारित की जा सके। हालांकि, अभिजीत दीपके की भागीदारी पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, क्योंकि वह वर्तमान में परिवारिक कारणों से अपने गांव में हैं।





