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राष्ट्रीय • दिल्ली

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के घर पर विपक्ष का 'मॉक संसद', CEC के खिलाफ जन महाभियोग लाने की योजना

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, यह एक प्रतीकात्मक विरोध है।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के घर पर विपक्ष का 'मॉक संसद', CEC के खिलाफ जन महाभियोग लाने की योजना
फोटो: Opposition Holds 'Mock Parliament' at Kharge's Residence, Plans Public Impeachment Against CEC

मॉक संसद का आयोजन

विपक्षी गठबंधन INDIA ने आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मॉक संसद का आयोजन किया है। यह कार्यक्रम दिल्ली के 10, राजाजी मार्ग स्थित खरगे के आवास पर होना तय है और इसे ‘जन महाभियोग’ नाम दिया गया है। इस आयोजन के माध्यम से विपक्ष वोट चोरी और वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर अपनी आपत्तियों को उजागर करेगा।


आयोजन की तिथि पहले 30 अक्टूबर निर्धारित की गई थी, लेकिन दिल्ली में लगातार बारिश के कारण इसे बढ़ा कर 31 अक्टूबर कर दिया गया।


पवन खेड़ा का बयान

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कार्यक्रम के संबंध में कहा, "यह कोई दिखावटी संसद नहीं है; यह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का सार्वजनिक महाभियोग है... लोग इसमें शामिल होने के लिए उत्सुक हैं, न केवल INDIA गठबंधन के लोग, बल्कि नागरिक समाज के सदस्य भी।"


इस मॉक संसद में खरगे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एक प्रतीकात्मक प्रस्ताव पेश करेंगे और इसके बाद INDIA गठबंधन के विभिन्न दलों के प्रतिनिधि अपनी बातें रखेंगे। समापन संबोधन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देंगे और इस प्रतीकात्मक सत्र की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी।


प्रतीकात्मक विरोध की प्रकृति

हालांकि इसे ‘जन महाभियोग’ कहा गया है, लेकिन यह संसद की वास्तविक संवैधानिक कार्यवाही नहीं है। यह एक प्रतीकात्मक विरोध और राजनीतिक मंच है, जहाँ प्रस्ताव पारित होने से मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से नहीं हटेंगे। यह आयोजन राजनीतिक दबाव बनाने की एक रणनीति के तहत किया जा रहा है।


आयोजन स्थल का विवाद

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ‘जन महाभियोग’ का कार्यक्रम पहले सरकारी स्वामित्व वाले अशोक होटल में आयोजित होने वाला था। हालांकि, पार्टी का कहना है कि पुलिस के हस्तक्षेप के कारण अनुमति वापस ले ली गई। इसके बाद रामलीला मैदान में भी आयोजन के लिए अनुमति नहीं मिल सकी।


विपक्ष ने तालकटोरा स्टेडियम, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, मावलंकर हॉल और डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर जैसे अन्य स्थानों पर भी आयोजन की संभावनाओं की तलाश की, लेकिन किसी भी स्थान पर अनुमति या बुकिंग नहीं मिल पाई। कांग्रेस ने इस संदर्भ में सरकारी हस्तक्षेप का आरोप लगाया।