आईटीबीपी के डीजी का बयान
इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी सैनिकों के साथ टकराव पर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारत और चीन के सैनिकों के बीच संघर्ष की घटनाएं अब भी हो रही हैं। यह बयान गुरुवार को आईटीबीपी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में दिया गया। इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्हें घेरा है।
शत्रुजीत कपूर ने वार्षिक हिमवीर सम्मान समारोह में कहा, "हाल के दिनों में अरुणाचल में कई स्थानों पर भारत और चीन के सैनिकों का आमना-सामना हुआ है और यह सिलसिला अभी भी जारी है।" उन्होंने यह भी बताया कि इस टकराव में आईटीबीपी के कमांडो सक्रिय रूप से शामिल हैं।
शौर्य कमांडो की भूमिका
उन्होंने आगे बताया, "हमारे हाल ही में स्थापित शौर्य कमांडो ने इन टकरावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आईटीबीपी की स्थापना एक पर्वतीय गुरिल्ला बल के रूप में की गई थी, और 2004 में हमें चीन के साथ लगती सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई। हमें अपने मूल कार्यों से पीछे नहीं हटना चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि ऊंचाई वाले इलाकों में तैनाती आईटीबीपी की ताकत है, और एक विशेष उच्च ऊंचाई पर्वतीय लड़ाई बल की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में जल्द ही 'शौर्य कमांडो' की एक पूरी बटालियन उपलब्ध होगी।
कांग्रेस का हमला
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आईटीबीपी के डीजी के बयान को साझा करते हुए केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, "एक ओर जहां नेता खुद को 'विश्वगुरु' कह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वे चीन को रियायतें दे रहे हैं, जबकि आईटीबीपी के महानिदेशक ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के साथ टकराव में अपने जवानों की सराहना की है।"
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले महीने तक्सिंग में हुए टकराव के बाद अरुणाचल प्रदेश के वाचा और दमाई में कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, लद्दाख की तरह, यहां भी हमारे पेट्रोलिंग पॉइंट हमारे हाथ से निकल गए हैं। चीन ने अरुणाचल प्रदेश में स्थानीय कस्बों के नाम बदलने और 60,000 मेगावाट का एक बांध बनाने की कोशिश की है, जो पारिस्थितिकी और जल सुरक्षा के लिए खतरा है।
प्रधानमंत्री के पुराने बयान की याद दिलाते हुए
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा, "भारत आज भी 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा चीन को दी गई विवादास्पद क्लीन चिट की कीमत चुका रहा है। उस समय 20 बहादुर जवानों की शहादत के बाद उन्होंने कहा था- 'न तो कोई हमारी सीमा में घुसा है और न ही कोई घुसा हुआ है और न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है।'"
उनके अनुसार, यह स्थिति अब तक बनी हुई है, जिससे भारत की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो रहा है।





