तारिक रहमान की भारत यात्रा पर बांग्लादेश का रुख
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा पर लगातार चर्चा जारी है। भारत सरकार ने पहले ही बांग्लादेश के पीएम को द्विपक्षीय बैठक और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण भेजा है। हालांकि, बांग्लादेश की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हाल ही में बांग्लादेशी अधिकारियों ने इस संबंध में कहा है कि उन्हें यात्रा को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है।
बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, विदेश राज्य मंत्री हुमांयू कबीर ने शनिवार को इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब तक दोनों देशों के बीच वार्ता में पर्याप्त प्रगति नहीं होगी, तब तक तारिक रहमान की यात्रा तय नहीं की जा सकती। कबीर ने यह भी स्पष्ट किया कि बांग्लादेश अच्छे संबंधों की आकांक्षा रखता है, लेकिन राष्ट्रीय हितों की कीमत पर नहीं।
भारत के निमंत्रण और बांग्लादेश की स्थिति
हुमांयू कबीर का बयान ऐसे समय में आया है जब तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर असमंजस बना हुआ है। भारत ने बांग्लादेश के पीएम को द्विपक्षीय दौरे के साथ-साथ 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। इस यात्रा को भारत-बांग्लादेश संबंधों को फिर से सुधारने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर तब जब अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से रिश्तों में गिरावट आई थी।
बांग्लादेश की वर्तमान सरकार शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है, जबकि भारत इस संबंध में कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने का आश्वासन दे रहा है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों की जटिलता
शेख हसीना के नेतृत्व में भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों को मजबूत माना जाता था, लेकिन उनके बाद के घटनाक्रमों ने इसे जटिल बना दिया है। हसीना भारत में शरण लिए हुए हैं, जिसके चलते द्विपक्षीय संबंधों में तनाव पैदा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए हसीना को प्रत्यर्पित करना आसान नहीं होगा, क्योंकि यह उनकी सुरक्षा की नीति के खिलाफ होगा।
भारत बांग्लादेश के साथ संबंधों को सुधारने के प्रयास कर रहा है। चुनाव के बाद, भारत ने तारिक रहमान की सरकार को मान्यता देने में अग्रणी भूमिका निभाई है। इसके अलावा, भारत ने बांग्लादेश में अपने वरिष्ठ नेता को राजदूत के रूप में नियुक्त किया है, जो संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
तारिक रहमान की विदेश यात्राएं और भारत की उम्मीदें
तारिक रहमान की पहली विदेश यात्रा भारत नहीं, बल्कि मलेशिया और चीन रही है। इस दौरान बांग्लादेश ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की से सकारात्मक संकेत भी दिए हैं। यह भारतीय अधिकारियों के लिए चिंता का विषय है। बांग्लादेशी मंत्रियों की ओर से लगातार बयानबाजी भी जारी है, जिसमें कबीर ने कहा, "अगर हम अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर किसी समझौते पर पहुंचते हैं, तो हम अगले सप्ताह या उसके बाद यात्रा कर सकते हैं। यहां कोई जल्दबाजी नहीं है।"
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी तारिक रहमान की भारत यात्रा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी संबंध की सफलता के लिए उसे आपसी हितों की कसौटी पर खरा उतरना चाहिए।





