Molitics Logo
होम राष्ट्रीय नितिन नवीन का हमला: लोकसभा परिसीमन पर विपक्ष पर साधा निशाना
राष्ट्रीय

नितिन नवीन का हमला: लोकसभा परिसीमन पर विपक्ष पर साधा निशाना

लोकसभा परिसीमन विधेयक पर सियासी विवाद, नितिन नवीन का हमला विपक्ष पर, महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने और सीटों के विस्तार के लिए सरकार का समर्थन।

नितिन नवीन का हमला: लोकसभा परिसीमन पर विपक्ष पर साधा निशाना
फोटो: Delimitation law controversy, BJP opposition attack
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का हमला विपक्ष पर था, जब उन्होंने नेटवर्क18 के MD और एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए इंटरव्यू में लोकसभा सीटों के परिसीमन को लेकर कड़ी टिप्पणियाँ कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर परिसीमन के मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहा है। नितिन नवीन ने कहा कि जिस कानून पर आज सवाल उठाए जा रहे हैं, वही कानून विपक्ष के सत्ता में रहने के दौरान बनाया गया था।

नितिन नवीन का हमला 

नितिन नवीन का हमला तब और स्पष्ट दिखा जब उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विपक्ष को अपने ही बनाए कानून पर भरोसा नहीं है तो अब विवाद क्यों खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कानून में कोई खामी थी तो उसे सत्ता में रहते हुए ही सुधारना चाहिए था। उनके अनुसार, विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विभाजन का प्रयास कर रहा है।

महिला प्रतिनिधित्व पर जोर

नितिन नबीन का इंटरव्यू और राजनीतिक हिंदी समाचार के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल मौजूदा परिसीमन ढांचे के आधार पर आगे बढ़ने का प्रस्ताव रख रही है। उनका कहना था कि इसका उद्देश्य लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना है। नितिन नवीन ने कहा कि यदि सीटों की संख्या बढ़ाई जाती है तो महिला सांसदों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।

विपक्ष पर बहस और आरोप

वहीं विपक्ष का एक वर्ग यह तर्क दे रहा है कि लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण मौजूदा सीटों के भीतर भी लागू किया जा सकता है और इसके लिए परिसीमन आवश्यक नहीं है। नितिन नवीन ने इसे नकारात्मक सोच और प्रक्रिया में बाधा डालने वाला रवैया बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी नेता, विशेषकर राहुल गांधी, दक्षिणी राज्यों के हितों की रक्षा का दावा कर अपने ही तर्कों के खिलाफ कार्य कर रहे हैं।

सरकार चर्चा के लिए तैयार

नितिन नवीन ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार संशोधन और चर्चा के लिए हमेशा तैयार है, ताकि व्यापक भागीदारी और समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। उनका मानना है कि यह कदम न केवल महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ाएगा बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करेगा।