अभिजीत दीपके और राहुल गांधी का साथ?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और हाल ही में प्रेशर ग्रुप के रूप में उभरी कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के बीच संभावित सहयोग का संकेत मिला है। यह संकेत इंडिया गठबंधन की हालिया बैठक के बाद सामने आया है। मंगलवार को राहुल गांधी के निवास पर आयोजित चाय पार्टी में इंडिया गठबंधन ने अपनी आगे की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में निर्णय लिया गया कि गठबंधन के आकार को बढ़ाकर इसे 'इंडिया प्लस' के रूप में विकसित किया जाएगा।
वोट चोरी के खिलाफ एकजुटता
इस बैठक में विपक्षी नेताओं ने वोट चोरी के मामले को लेकर एकजुट होकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया। 'लोकतंत्र की बहाली का मिशन' शुरू करने का ऐलान भी किया गया। विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि वे सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका के परिणाम का इंतजार करेंगे, जिसके बाद देश की राजधानी में एक बड़े विरोध मार्च का आयोजन किया जाएगा।
इंडिया प्लस की योजना
इंडिया गठबंधन की बैठक में लिए गए अन्य निर्णयों में समूह का विस्तार करने का निर्णय शामिल है। इस नए फॉर्मेट में केवल राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र संगठन और अन्य सामाजिक संस्थाएं भी शामिल होंगी। उल्लेखनीय है कि पिछले मई में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी एक महत्वपूर्ण समूह के रूप में उभरी है। हालांकि, अभिजीत दीपके की पार्टी ने अब तक खुद को एक राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित नहीं किया है।
आंदोलन को गति देने की योजना
बैठक में विपक्ष ने आंदोलन को तेज करने के लिए एक मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने पर विचार किया है। इसके अतिरिक्त, राहुल गांधी ने सभी विपक्षी दलों और नेताओं को सरकार के खिलाफ अप्रत्याशित और प्रभावशाली आंदोलनों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “हम सब यहां एकजुट होकर खड़े हैं। जैसा कि मैंने पहले कहा था, कोई अलग-अलग प्रदर्शन नहीं हो रहे हैं। ये सभी एक ही मिशन के तहत हैं, जो भारत में लोकतंत्र की बहाली है।”
प्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस बैठक में कई प्रमुख विपक्षी नेता उपस्थित थे, जिनमें कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, प्रियंका गांधी वाद्रा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एम ए बेबी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी. राजा, समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक और आनंद भदौरिया, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष शामिल थे। इसके अलावा, वाम छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा भी बैठक में मौजूद थीं।





