‘स्वदेशी अब नारा नहीं, जीवनशैली बने’
मोदी ने कहा कि आज जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही है, तब भारत को अपने आर्थिक हितों के प्रति और अधिक सजग होना होगा। उन्होंने कहा, “हर भारतीय को यह देखना होगा कि उसका पैसा किसे मज़बूत कर रहा है—भारत को या किसी और देश को।”
प्रधानमंत्री ने स्वदेशी को केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि जन-आंदोलन बनाने की अपील करते हुए कहा, “अब समय है कि हर देशवासी ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ को केवल नारे नहीं, व्यवहार में उतारे।”
पीएम मोदी ने व्यापारियों से खास आग्रह करते हुए कहा कि अब दुकानों पर केवल और केवल स्वदेशी सामान बिकना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह देश सेवा का सबसे व्यावहारिक तरीका है। जब हर घर में नया सामान आए, तो वह भारत में बना हो। यही देशहित है।”
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका की टैरिफ नीतियां, और चीन से आयात पर वैश्विक बहस तेज है। ऐसे माहौल में भारत का 'आत्मनिर्भर भारत' और 'स्वदेशी' पर फोकस, आर्थिक स्वतंत्रता के रणनीतिक दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है।





