भारत में आम चुनाव (लोकसभा और विधानसभा) से अलग एक ऐसा चुनाव भी होता है जहाँ आम जनता सीधे मतदान नहीं करती, बल्कि शिक्षक, स्नातक (ग्रेजुएट्स), स्थानीय निकाय प्रतिनिधि और विधायक मिलकर जनप्रतिनिधि चुनते हैं। हाल ही में देश के चार राज्यों की 28 विधान परिषद (MLC) सीटों के नतीजे सामने आए हैं, जिनमें बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) ने 16 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि इंडिया (INDIA) गठबंधन के खाते में 9 सीटें आई हैं।
4 राज्यों के नतीजों का लेखा-जोखा: कहाँ किसको मिली बढ़त?
28 सीटों के इन चुनावों में राज्यों का प्रदर्शन काफी दिलचस्प रहा:
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उत्तर प्रदेश (11 सीटें): बीजेपी ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि समाजवादी पार्टी ने 5 सीटों पर कब्ज़ा जमाया। वाराणसी (पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र) की दोनों शिक्षक व ग्रेजुएट सीटों पर सपा की जीत चर्चा का विषय रही।
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बिहार (8 सीटें): एनडीए को 4 सीटें (बीजेपी 3, जेडीयू 1), आरजेडी को 1 सीट, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को 1 सीट (दरभंगा शिक्षक क्षेत्र) और 2 निर्दलीयों को जीत मिली।
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महाराष्ट्र (5 सीटें): विपक्षी महा विकास आघाड़ी (MVA) ने 3 सीटें जीतीं, जबकि सत्ताधारी महायुति को 2 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने बीजेपी के गढ़ नागपुर स्नातक सीट पर जीत हासिल की।
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कर्नाटक (4 सीटें): राज्य में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद बीजेपी-जेडीएस गठबंधन ने सभी 4 सीटें जीत लीं।
MLA और MLC में क्या अंतर होता है?
राज्य की विधानसभा के सदस्य को विधायक (MLA) कहा जाता है, जिसका चुनाव जनता सीधे करती है। वहीं विधान परिषद के सदस्य को एमएलसी (MLC) कहते हैं।
वर्तमान में भारत के केवल छह राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश) में ही विधान परिषद (द्विसदनीय व्यवस्था) अस्तित्व में है। संविधान के अनुच्छेद 171 के तहत विधान परिषद एक स्थायी सदन है, जिसका कार्यकाल 6 साल का होता है और हर दो साल में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
एमएलसी चुनाव प्रक्रिया: कौन डालता है वोट?
एमएलसी चुनावों में मतदान की अलग-अलग श्रेणियाँ होती हैं:
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स्थानीय निकाय श्रेणी: लगभग 1/3 सदस्य नगर निगम और ज़िला पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा चुने जाते हैं।
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विधायक श्रेणी: लगभग 1/3 सदस्य राज्य के विधायकों द्वारा चुने जाते हैं।
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स्नातक (ग्रेजुएट) श्रेणी: लगभग 1/12 सदस्य पंजीकृत स्नातक मतदाताओं द्वारा चुने जाते हैं।
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शिक्षक श्रेणी: लगभग 1/12 सदस्य पंजीकृत शिक्षकों द्वारा चुने जाते हैं।
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राज्यपाल द्वारा मनोनयन: बाकी 1/6 सदस्यों को राज्यपाल साहित्य, कला, विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र से मनोनीत करते हैं।
इन चुनावों में ईवीएम (EVM) की जगह बैलेट पेपर (Ballot Paper) और वरीयता (Preference) प्रणाली से मतदान होता है।





