SIR विवाद और नामों की सूची
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संदर्भ में विवाद जारी है। इसी बीच, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं की सूची जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, वे ऑनलाइन फॉर्म 6 भरकर अपनी नामांकन प्रक्रिया को फिर से शुरू कर सकते हैं। इस निर्णय का समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि विपक्ष SIR को रद्द करने की मांग कर रहा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या हटाए गए मतदाताओं की सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट और संबंधित जिलों के निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइट पर उपलब्ध है। यदि किसी पात्र मतदाता को लगता है कि उनका नाम सूची से हट गया है, तो वह ऑनलाइन फॉर्म 6 भरकर या बूथ स्तर के अधिकारियों से संपर्क करके पुनः नामांकन कर सकता है।'
नाम फिर से शामिल करने की प्रक्रिया
अधिकारी ने बताया कि जिन योग्य मतदाताओं के नाम इन श्रेणियों में शामिल नहीं हैं, वे ऑनलाइन फॉर्म 6 भरकर या बूथ स्तर के अधिकारियों के माध्यम से दोबारा अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने बूथ स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे उन मतदाताओं की पहचान में तेजी लाएँ, जिनका नाम विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हटने की संभावना है।
यह प्रक्रिया मतदाता सूची की पारदर्शिता और सटीकता को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट की स्थिति
सोमवार को, सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म 6 में किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है। CJI सूर्यकांत की अगुवाई में बेंच ने कहा, 'हम सभी फैसलों की जांच करेंगे। यदि कोई फैसला कानून के अनुरूप नहीं पाया गया, तो हम उसे रद्द कर देंगे।' यह स्पष्ट किया गया कि अदालत किसी भी बदलाव के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करना चाहती है।
बेंच ने कहा, 'हमने फॉर्म 6 में किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है।' फॉर्म 6 एक ऐसा आवेदन है जिसके माध्यम से कोई पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ने की मांग करता है।
ज्ञानेश कुमार के निलंबन पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की याचिका को खारिज कर दिया है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि अदालत केवल समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर आदेश पारित नहीं कर सकती और इसे निर्वाचन आयोग तथा केंद्र सरकार के जवाबों पर विचार करना होगा।
याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह के वकील विकास सिंह ने ज्ञानेश कुमार को कोई भी निर्णय लेने से रोकने का निर्देश देने की मांग की थी और कहा कि नागरिक अपने मतदान के अधिकार को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने दोबारा स्पष्ट किया कि फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है।





