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Leh Violence LIVE Updates: Sonam Wangchuk की बातों ने भीड़ को उकसाया — केंद्र का दावा

Leh violence की शुरुआत उस वक्त हुई जब जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk के नेतृत्व में चल रहे भूख हड़ताल कार्यक्रम का समापन विवादों के बीच हुआ।

Leh Violence LIVE Updates: Sonam Wangchuk की बातों ने भीड़ को उकसाया — केंद्र का दावा
फोटो: Leh Violence, Sonam Wangchuk

त्वरित घटना रणनीति: Leh Violence कैसे भड़क गया?


Leh में दिन भर चले विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक मोड़ ले गए। Leh violence की शुरुआत उस वक्त हुई जब जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk के नेतृत्व में चल रहे भूख हड़ताल कार्यक्रम का समापन विवादों के बीच हुआ। केंद्र सरकार ने आरोप लगाया कि Sonam Wangchuk की “provocative statements” ने भीड़ को उकसाया, जिससे लोग सरकारी और राजनीतिक कार्यालयों पर टूट पड़े।

घटना 24 सितंबर की दोपहर लगभग 11:30 बजे तब तूल पकड़ी, जब भूख हड़ताल स्थल से निकलते वक्त भीड़ ने CEC कार्यालय, BJP कार्यालय, और एक पुलिस गाड़ी को आग लगाई।  सुरक्षा बलों ने आंसू गैस और लाठियों का प्रयोग किया। अधिकारियों ने कहा कि वे कारणवश आत्मरक्षा के लिए फायरिंग करने को मजबूर हुए। हिंसा में चार लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए। Leh में कर्फ्यू और पांच या अधिक लोगों के समूहों में इकट्ठा होना प्रतिबंधित कर दिया गया।

Leh violence की यह घटना एक लंबे चले चले आंदोलन का एक दुखद मोड़ बन गई, और Sonam Wangchuk के नाम पर आरोपों ने विवाद को और हवा दे दी।

केंद्र की प्रतिक्रिया: Sonam Wangchuk पर आरोप और सरकारी दावे


केंद्र सरकार ने तेजी से बयान जारी कर Sonam Wangchuk को Leh violence का मुख्य उकसाने वाला बताया। गृह मंत्रालय ने कहा कि Wangchuk की “provocative statements” ने भीड़ को भड़काया और प्रदर्शन को हिंसा की ओर मोड़ा।

विभिन्न बिंदुओं में सरकार ने यह निष्कर्ष दिया:

  • वायरल भाषण और वीडियो – केंद्र ने जनता से आग्रह किया कि पुराने या उत्तेजक वीडियो न फैलाएँ, क्योंकि वे माहौल और भड़काने का काम कर सकते हैं।

  • विधि से हटना – कहा गया कि आंदोलन स्थल से अचानक हटने और गांव लौटने का कदम Sonam Wangchuk ने उठाया, और उन्होंने स्थिति को शांत करने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की।

  • मांगें चर्चाओं का हिस्सा – केंद्र यह तर्क देती है कि जो मांगें Wangchuk उठा रहा था, वे पहले से ही High-Powered Committee (HPC) की चर्चाओं में शामिल थीं।

  • राजनीतिक साजिश – सरकार ने संकेत दिया कि कुछ राजनीतिक हितधारक वार्ता प्रक्रिया को बाधित करना चाह रहे थे, और Wangchuk का आंदोलन उसी दिशा में इस्तेमाल किया गया।

इन दावों के पीछे सरकार का तर्क यह है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा पर नियंत्रण के लिए मजबूर थे।

Wangchuk की प्रतिक्रिया एवं युवा उद्रेक


इन आरोपों के जवाब में Sonam Wangchuk ने कहा कि Leh violence उन वर्षों की नाकाफी सुनवाई और निराशा का अचानक उफान था। उन्होंने इस मोर्चे को एक “Gen Z क्रांति” बताया, जो खासकर बेरोजगारी और लोकतांत्रिक हक़ों की कमी से ग्रस्त युवाओं ने उठाया।

उनका यह भी कहना रहा:

  • आंदोलन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन जनता की नब्ज तेज हो गई।

  • वह हिंसा की कभी वकालत नहीं करते, लेकिन आज युवा बेचैन थे, और यह घटना अचानक बन पड़ी।

  • उन्होंने समूह से शांति बनाए रखने का आह्वान किया और कहा कि पूरे आंदोलन को नुकसान पहुंचना चाहता है।

Wangchuk ने अपनी भूमिका को “समर्थन देने वाला” बताया, न कि उकसाने वाला। लेकिन केंद्र का आरोप है कि Leh violence की आग उनके शब्दों से सुप्रसित हुई।