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कर्नाटक में स्टिंग ऑपरेशन से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं, सिद्धारमैया और शिवकुमार आमने-सामने

सिद्धारमैया ने जांच की मांग की, शिवकुमार ने खुलकर बोलने के लिए प्रेरित किया।

कर्नाटक में स्टिंग ऑपरेशन से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं, सिद्धारमैया और शिवकुमार आमने-सामने
फोटो: Karnataka Sting Operation Increases Congress's Troubles, Siddaramaiah and Shivakumar Face Off

स्टिंग ऑपरेशन का मामला

कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों एक स्टिंग ऑपरेशन की चर्चा जोर पकड़ रही है, जो पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, शिवकुमार के कैबिनेट में मंत्री और सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र ने इसे पूरी तरह से फर्जी करार दिया है। उनका कहना है कि यह वीडियो जानबूझकर सिद्धारमैया की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया है।


यतींद्र ने शुक्रवार को बताया कि यह स्टिंग वीडियो 2023 में 'पावर टीवी' के प्रबंध निदेशक राकेश शेट्टी द्वारा तैयार किया गया है, जिसमें कुछ कांग्रेस नेताओं का भी हाथ हो सकता है।


राकेश शेट्टी को मिली अंतरिम जमानत

राकेश शेट्टी, जो शिवकुमार के करीबी माने जाते हैं, को बेंगलुरु की एक स्थानीय अदालत से अंतरिम जमानत प्राप्त हुई है। यतींद्र ने आरोप लगाया है कि कुछ कांग्रेसी नेता शेट्टी के साथ मिलकर इस मामले में सक्रिय हैं। उन्होंने एक महिला कांग्रेस कार्यकर्ता की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह 2023 के विधानसभा चुनावों में पुत्तूर सीट से टिकट की इच्छुक थी।


यतींद्र ने यह भी कहा कि उनके पिता, सिद्धारमैया, इस घटना से काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा, '40 साल के सार्वजनिक जीवन में उन पर कभी कोई दाग नहीं लगा और अब उनके राजनीतिक करियर के अंतिम पड़ाव पर ऐसा हुआ है।'


भाजपा और जेडीएस का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास

विपक्षी दल भाजपा और उनके सहयोगी जेडीएस ने इस स्टिंग ऑपरेशन विवाद का लाभ उठाने की कोशिश की है। जेडीएस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा, 'सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची गई थी। इसके पीछे के लोग कांग्रेस आलाकमान को भी गुमराह कर रहे हैं।' उन्होंने शिवकुमार को कर्नाटक का 'स्टिंग किंग' करार दिया।


कुमारस्वामी ने सिद्धारमैया का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें इस मामले पर खुलकर बोलना चाहिए ताकि अफवाहों के जरिए उनकी छवि को नुकसान न पहुंचे।


सिद्धारमैया की जांच की मांग

सिद्धारमैया ने कहा, 'मुझे किसी के समर्थन की आवश्यकता नहीं है। सच सामने आना चाहिए। मुझे जांच प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है।' उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जानना है कि इस साजिश के पीछे कौन है।


कुमारस्वामी का दावा है कि 6 अक्टूबर को सिद्धारमैया द्वारा बेंगलुरु साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने के बाद, पुलिस ने जेडीएस की सोशल मीडिया यूनिट के दो सदस्यों से पूछताछ शुरू की है। इस बीच, कुमारस्वामी ने बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर और कर्नाटक के DGP के कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया।


सिद्धारमैया की FIR और अदालत का फैसला

सिद्धारमैया द्वारा 6 अक्टूबर को दर्ज कराई गई शिकायत में कर्नाटक हनी ट्रैप चैनल के अज्ञात निर्माताओं को आरोपी बनाया गया है। FIR में कहा गया है कि '27-09-2026 को कुछ अज्ञात लोगों ने यूट्यूब चैनल पर झूठे आरोप लगाए, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।'


बेंगलुरु की एक स्थानीय अदालत ने 13 अक्टूबर को सिद्धारमैया की याचिका पर इस फर्जी स्टिंग वीडियो के प्रसारण और प्रकाशन पर अंतरिम रोक लगा दी है।