Molitics Logo
होम राष्ट्रीय कपिल सिब्बल ने अमित शाह के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, कहा देशभक्ति का प्रमाण क्या है?
राष्ट्रीय

कपिल सिब्बल ने अमित शाह के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, कहा देशभक्ति का प्रमाण क्या है?

कांग्रेस के पूर्व नेता कपिल सिब्बल ने अमित शाह के उस बयान की निंदा की है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति के वंदे मातरम् के फैसले को देश विरोधी बताया था। सिब्बल ने कहा कि इस मानसिकता से देशभक्ति की परिभाषा पर सवाल उठता है।

कपिल सिब्बल ने अमित शाह के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, कहा देशभक्ति का प्रमाण क्या है?
फोटो: कपिल सिब्बल ने अमित शाह के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, कहा देशभक्ति का प्रमाण क्या है?

कपिल सिब्बल की कड़ी प्रतिक्रिया

राज्य सभा सांसद और कांग्रेस के पूर्व नेता कपिल सिब्बल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस विवादास्पद बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति के वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाने के निर्णय को देश विरोधी करार दिया था। सिब्बल ने कहा कि शाह का बयान बेहद गंभीर और खतरनाक है, और इसके अनुसार अगर हम देखें तो वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी भी देश विरोधी माने जाएंगे, क्योंकि उन्होंने भी कभी पूरा वंदे मातरम् नहीं गाया।


सिब्बल ने यह भी कहा कि यह समझ से परे है कि अमित शाह ने इस तरह का बयान किस मानसिकता के तहत दिया है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि ऐसे में देशभक्ति की परिभाषा क्या होगी?


कांग्रेस की कार्यसमिति का निर्णय

शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिब्बल ने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने यह निर्णय गुरुवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में लिया। इसमें यह तय किया गया कि वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरे गाए जाएंगे, न कि चारों।


उन्होंने बताया कि इस निर्णय का ऐतिहासिक संदर्भ है, जिसमें 1937 के बाद 1950 में संविधान सभा ने यह तय किया था कि वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे। सिब्बल ने यह भी स्पष्ट किया कि बाकी के दो अंतरों में धार्मिक बातें शामिल हैं, जो विवाद का कारण बनीं।


संविधान सभा और भाजपा के संस्थापक

सिब्बल ने कहा कि संविधान सभा के सदस्यों में भाजपा के संस्थापकों में से एक श्यामाप्रसाद मुखर्जी भी शामिल थे। उन्होंने आश्चर्य जताया कि अगर अमित शाह ने कांग्रेस के निर्णय को देश विरोधी कहा है, तो इसका अर्थ है कि संविधान सभा के सभी सदस्य भी देश विरोधी थे।


उन्होंने भाजपा के नेताओं से सवाल किया कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, क्या उन्होंने कभी वंदे मातरम् गाया? इसी तरह, अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में भी उन्होंने सवाल उठाया, यह बताते हुए कि तब की सरकार भी उनकी थी।


अमित शाह का बयान

गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि कांग्रेस का 'वंदे मातरम्' के केवल दो अंतरे गाने का निर्णय न केवल राष्ट्रविरोधी है, बल्कि यह कानून की अवहेलना और वोट बैंक के लिए तुष्टीकरण की राजनीति है।


शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 1937 में तुष्टीकरण के लिए 'वंदे मातरम्' को दो टुकड़ों में बांटा, जिससे दो-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने वंदे मातरम् के 150वें वर्ष पर इस ऐतिहासिक गलती को सुधारा और इसे कानूनी मान्यता दी।