जम्मू-कश्मीर पुलिस थाने के अंदर भीषण विस्फोट
जम्मू-कश्मीर के नौगाम थाने में हुए धमाके को डीजीपी नलिन प्रभात ने एक दुर्घटना बताया। उन्होंने बताया कि यह कोई आतंकी हमला नहीं था, बल्कि फरीदाबाद से लाए गए विस्फोटक की सैंपलिंग के दौरान हुआ एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था। जम्मू-कश्मीर विस्फोट मामले पर पुलिस और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की एक संयुक्त टीम विस्फोट के समय हरियाणा के फरीदाबाद में हाल ही में की गई छापेमारी के दौरान जब्त किए गए अमोनियम नाइट्रेट सहित विस्फोटकों का सर्वेक्षण कर रही थी।
डीजीपी नलिन प्रभात ने एक दुर्घटना बताया
गृह मंत्रालय ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर नौगाम थाने में हुए विस्फोट मामले में किसी भी आतंकी पहलू से इनकार किया और इसे एक आकस्मिक विस्फोट बताया जो श्रीनगर के बाहरी इलाके में हुआ, जिसमें 9 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।
जम्मू-कश्मीर विस्फोट मामले में पुलिस प्रमुख नलिन प्रभात ने भी नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए भीषण विस्फोट को आकस्मिक बताया। प्रभात ने कहा कि विस्फोटकों को एक सफेदपोश आतंकवादी मॉड्यूल की जांच के दौरान बरामद किया गया था और उन्हें हरियाणा के फरीदाबाद से नौगाम पुलिस स्टेशन ले जाया गया था, जहां उन्हें परिसर के भीतर एक सुरक्षित खुले क्षेत्र में रखा गया था। अधिकारियों के अनुसार, यह जम्मू-कश्मीर विस्फोट उस समय हुआ जब पुलिस और फोरेंसिक विभाग की एक संयुक्त टीम विस्फोटक सामग्री की जाँच कर रही थी, जो एक गिरफ्तार डॉक्टर से बरामद लगभग 2,900 किलोग्राम रासायनिक सामग्री का हिस्सा थी। विस्फोट के कारण कई द्वितीयक विस्फोट हुए और इमारत को भारी नुकसान पहुँचा।
सूत्रों ने बताया कि जांच 10 नवंबर को दिल्ली में हुए विस्फोट और अक्टूबर में नौगाम में मिले कथित आपत्तिजनक पोस्टरों से जुड़ी है, जिसके बाद 19 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई और उसके बाद अंतरराज्यीय जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई की गई।
20 से 27 अक्टूबर के बीच शोपियां और गंदेरबल से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, इसके बाद 5 नवंबर को सहारनपुर से डॉ. आदिल की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद अनंतनाग अस्पताल से एके-56 राइफल सहित हथियार और गोला-बारूद जब्त किया गया और फरीदाबाद से भी हथियार और विस्फोटक जब्त किए गए। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने कथित तौर पर इसमें शामिल अन्य लोगों के नाम बताए, जिसके परिणामस्वरूप फरीदाबाद में अल-फलाह मेडिकल कॉलेज के डॉ. मुजम्मिल को गिरफ्तार किया गया तथा हथियारों और विस्फोटकों की अतिरिक्त बरामदगी हुई।
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