जगदीप धनखड़ ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
जगदीप धनखड़ ने पत्र में लिखा, “मैं संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के अंतर्गत उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहा हूं। राष्ट्रपति जी, आपका समर्थन अडिग रहा और मेरा कार्यकाल शांतिपूर्ण व सार्थक रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सहयोग और मार्गदर्शन मेरे लिए अमूल्य रहा, उनसे मैंने बहुत कुछ सीखा। संसद के माननीय सदस्यों ने जो स्नेह और विश्वास मुझ पर जताया, वह जीवन भर स्मरणीय रहेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे इस बात पर गर्व है कि मैंने भारत की अभूतपूर्व आर्थिक प्रगति और परिवर्तन के दौर को देखा और उसमें भागीदारी की। उपराष्ट्रपति के रूप में मेरा अनुभव और ज्ञान इस लोकतंत्र की विरासत का हिस्सा बन गया है।”
गौरतलब है कि मार्च 2025 में धनखड़ को दिल से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते एम्स में भर्ती कराया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल जाकर उनका हालचाल लिया था। जगदीप धनखड़ ने 6 अगस्त 2022 को हुए चुनाव में विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराकर उपराष्ट्रपति पद संभाला था। उन्हें 725 में से 528 मत मिले थे, जबकि अल्वा को 182 मत मिले थे।
जगदीप धनखड़ भारत के ऐसे तीसरे उपराष्ट्रपति बन गए हैं जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया। उनसे पहले दो उपराष्ट्रपति कृष्ण कांत और वी.वी गिरि भी कार्यकाल के बीच में ही पद से अलग हुए थे।
कृष्ण कांत ने 21 अगस्त 1997 को उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली थी, लेकिन 27 जुलाई 2002 को कार्यकाल के दौरान ही उनका निधन हो गया। वहीं, वी.वी. गिरि ने 1967 में उपराष्ट्रपति का कार्यभार संभाला था, लेकिन 1969 में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था ताकि वे राष्ट्रपति पद के चुनाव में भाग ले सकें।





