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राहुल गांधी और अभिजीत दीपके के बीच नजदीकी बढ़ रही है?

क्या कांग्रेस का CJP के प्रति रुख बदल रहा है?

राहुल गांधी और अभिजीत दीपके के बीच नजदीकी बढ़ रही है?
फोटो: Is Rahul Gandhi Growing Closer to Abhijit Deepak?

राहुल गांधी की हाई टी का आमंत्रण

क्या राहुल गांधी और अभिजीत दीपके के बीच दोस्ती की संभावनाएं बढ़ रही हैं? हाल ही में राहुल गांधी ने आयोजित की गई हाई टी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके अन्य नेताओं को आमंत्रित करने का प्रयास किया है। इसे कांग्रेस के इस संगठन के प्रति बदलते रुख के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस के एक बड़े हिस्से में CJP को अब भी आम आदमी पार्टी (AAP) की शाखा मानने की धारणाएं बनी हुई हैं।


कांग्रेस का यह कदम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने की मांग के लिए चल रहे विपक्षी अभियान के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राहुल गांधी ने यह हाई टी इंडिया गठबंधन के नेताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों, और छात्र नेताओं के लिए आयोजित की थी।


प्रशांत भूषण की मध्यस्थता

इंडियन एक्सप्रेस के सूत्रों के अनुसार, मंगलवार सुबह कांग्रेस ने CJP से संपर्क कर उनके नेताओं को राहुल गांधी की हाई टी में शामिल होने का निमंत्रण देने का निर्णय लिया। इसके लिए कांग्रेस ने वकील और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण से मध्यस्थता करने का आग्रह किया।


प्रशांत भूषण के करीबी सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस की ओर से संपर्क करने का अनुरोध प्राप्त हुआ था। हालांकि, उस समय अभिजीत दीपके महाराष्ट्र में थे, और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के कारण CJP के वरिष्ठ नेता आशुतोष रांका, सौरव दास, और अजिंक्य शिंदे पुलिस हिरासत में थे। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि दीपके से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने इस निमंत्रण के प्रति उत्साह नहीं दिखाया।


CJP के प्रति कांग्रेस का संदेह

CJP मई में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी थी। इसके बाद, जून और जुलाई में इसने परीक्षा में पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जिसके परिणामस्वरूप केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।


इसके बावजूद, कांग्रेस के नेतृत्व में CJP के प्रति शंका बनी हुई है। पार्टी के अंदर यह विचार भी मौजूद है कि विपक्ष की राजनीति में CJP के लिए स्थान छोड़ना कांग्रेस के हित में नहीं होगा। कई कांग्रेस नेता इस संगठन को आम आदमी पार्टी की शाखा के रूप में मानते रहे हैं।


10 अक्टूबर के प्रदर्शन पर कांग्रेस की नजर

दिल्ली में 10 अक्टूबर को CJP के प्रदर्शन पर कांग्रेस की नजर थी। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के कड़े होने और पुलिस की कार्रवाई के कारण यह प्रदर्शन अपनी योजना के अनुसार नहीं हो सका। इस दौरान लगभग 7,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने का अनुमान है। कांग्रेस का मानना है कि CJP अपने पहले के प्रदर्शनों की तरह बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने में सफल नहीं रही।


सोमवार को राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहे सभी प्रदर्शन एक ही आंदोलन का हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रदर्शनकारी संविधान की रक्षा के लिए खड़े हैं, तो कांग्रेस उनका समर्थन करेगी।


CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया

बुधवार को राहुल गांधी ने CJP नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में तिरंगा लहराना अपराध नहीं है। उन्होंने इसे युवाओं को जेल में डालने की कायरता करार दिया।


राहुल गांधी ने छात्रों, युवाओं, पत्रकारों, और इंडिया गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि झंडे और संगठन भले ही अलग हों, लेकिन सभी का उद्देश्य एक है। सभी प्रदर्शन नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की मांग का एक हिस्सा हैं।