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NCP में अंदरूनी खींचतान: अमित शाह से मुलाकात में सुनेत्रा और पार्थ की अनुपस्थिति

NCP में नेतृत्व विवाद और पार्टी के भीतर असंतोष की बढ़ती चर्चा

NCP में अंदरूनी खींचतान: अमित शाह से मुलाकात में सुनेत्रा और पार्थ की अनुपस्थिति
फोटो: Internal Strife in NCP: Absence of Sunetra and Parth in Meeting with Amit Shah

NCP में खींचतान का नया दौर

महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर खींचतान की चर्चाएं एक बार फिर से जोर पकड़ रही हैं। 2 नवंबर को पार्टी के छह वरिष्ठ नेताओं ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक में पार्टी की अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार तथा उनके बेटे पार्थ पवार की अनुपस्थिति ने पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।


बैठक में शामिल नेताओं में प्रफुल्ल पटेल, महाराष्ट्र NCP के अध्यक्ष सुनील तटकरे, दिलीप वलसे पाटिल, हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे शामिल थे। यह सभी नेता दिवंगत अजित पवार के करीबी माने जाते रहे हैं और 2023 में शरद पवार से अलग होकर अजित पवार के साथ आए थे।


पार्थ पवार की दखलंदाजी से नाराजगी

रिपोर्टों के अनुसार, NCP के कुछ वरिष्ठ नेता पार्टी के संचालन के तरीके से असंतुष्ट हैं। उनका मानना है कि पार्थ पवार पार्टी के कामकाज में अत्यधिक दखल दे रहे हैं। आरोप है कि वह कई महत्वपूर्ण निर्णयों में अपनी भूमिका बढ़ा रहे हैं और वरिष्ठ नेताओं से सलाह नहीं ली जा रही है। इसके साथ ही, सुनेत्रा पवार पर भी पार्थ के निर्णयों को समर्थन देने का आरोप लगाया जा रहा है।


अजित पवार के निधन के बाद से सुनेत्रा पवार ने पार्टी की कमान संभाली थी और कई महत्वपूर्ण बदलाव किए थे, जिनमें प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सुनील तटकरे को महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाने जैसे निर्णय शामिल हैं। इन बदलावों ने भी पार्टी के भीतर असहजता को जन्म दिया है।


बैठक में उठाए गए मुद्दे

इंडियन एक्सप्रेस और इकोनॉमिक टाइम्स की खबरों के अनुसार, बैठक में सामूहिक नेतृत्व की कमी, संगठन की स्थिति और दोनों NCP गुटों के संभावित विलय जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि नेताओं ने शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) के साथ विलय की संभावनाओं पर बातचीत की।


इसके अलावा, महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्रालय का विभाग दोबारा NCP को दिए जाने का मुद्दा भी चर्चा में रहा। यह विभाग अजित पवार के निधन के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास चला गया था, लेकिन कुछ नेता इसे वापस NCP में लाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, बैठक में विलय को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। सुनील तटकरे ने इस विषय पर पहले ही स्थिति स्पष्ट की थी।


NCP का आधिकारिक बयान

पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता उमेश पाटिल ने बैठक के बारे में उठ रहे सवालों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात पहले से निर्धारित थी और सुनेत्रा पवार तथा पार्थ पवार ने अमित शाह से अपनी पिछली मुलाकात में ही वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के लिए समय मांगा था।


पाटिल ने बताया कि बैठक में नेताओं ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों, महाराष्ट्र के हितों और पार्टी से संबंधित विषयों पर चर्चा की। उन्होंने यह भी कहा कि सुनेत्रा और पार्थ को जानबूझकर बैठक से दूर रखने की खबरें गलत और भ्रामक हैं।


NCP में नेतृत्व के समीकरण

हालांकि, पार्टी में किसी बड़े विभाजन या नेतृत्व परिवर्तन की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सुनेत्रा पवार और पार्थ की गैरमौजूदगी में छह वरिष्ठ नेताओं का अमित शाह से मिलना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


इस मुलाकात के बाद दोनों NCP गुटों के विलय और पार्टी के भीतर नेतृत्व के समीकरणों को लेकर अटकलें भी तेज हुई हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि एनसीपी का एक धड़ा भाजपा में विलय चाहता है, जबकि दूसरा वापस शरद पवार के गुट में विलय की आशा रखता है। हालांकि, यह सब महज अटकलें हैं और आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है।