गुरुवार देर रात इजरायली वायुसेना ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ शुरू किया, जिसे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने “पूर्व-खतरे की प्रतिक्रिया” बताया है। ईरान की सरकारी मीडिया ने भी इन हमलों की पुष्टि की है, हालांकि क्षति का आकलन अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बयान में कहा, “हमने ईरान के प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाया है, जो परमाणु हथियार बनाने के प्रयास में शामिल थे। साथ ही, उनके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के केंद्र पर भी सटीक हमले किए गए हैं।” इस सैन्य अभियान को ‘Strength of a Lion’ नाम दिया गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक कि ईरान से उत्पन्न खतरे को पूरी तरह से समाप्त नहीं कर दिया जाता।
तेहरान और तेल अवीव के बीच बिगड़ती स्थिति को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि सरकार भारत के नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी और लगातार स्थानीय दूतावास के संपर्क में है।





