हिमंत सरमा का प्रहार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को राहुल गांधी पर एक वीडियो के आधार पर हमला किया। इस वीडियो में राहुल गांधी को दिल्ली में विपक्षी मार्च के दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का कॉलर खींचते हुए दिखाया गया है। हिमंत ने इसे सार्वजनिक अपमान करार देते हुए पूछा कि क्या कर्नाटक के नेता इसे सहन करेंगे?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए, हिमंत ने 2015 की एक घटना को याद किया। उस समय वह कांग्रेस के सदस्य थे और राहुल गांधी से नाराज होकर पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया था।
डीके शिवकुमार का सम्मान
हिमंत सरमा ने कहा, "2015 में एक गर्वित असमिया के रूप में मैंने अपमान सहने से इनकार कर दिया। भगवान ने मुझ पर कृपा की।" उन्होंने स्पष्ट किया कि डीके शिवकुमार केवल एक व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि एक संवैधानिक पद पर हैं और उन्हें एक ऐसे राज्य का प्रतिनिधित्व करना है जिसकी समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास है।
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या शिवकुमार इस सार्वजनिक अपमान के आगे झुकेंगे। राहुल गांधी की छवि पर तंज कसते हुए उन्होंने लिखा कि उनका 'रीइन्वेंशन' घमंड को नहीं छिपा सकता और असली चेहरा वही रहता है।
वीडियो में घटनाक्रम
वीडियो में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ के बीच, डीके शिवकुमार आगे बढ़ने की कोशिश करते हुए नजर आए। इस दौरान राहुल गांधी, नेहा बोरा और प्रियंका गांधी के साथ मार्च कर रहे थे। जैसे ही शिवकुमार दाईं ओर से आगे बढ़े, राहुल ने उनके कुर्ते का कॉलर पकड़कर पीछे खींच लिया, जिससे शिवकुमार का संतुलन बिगड़ गया।
इस घटना को लेकर अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
भाजपा सांसदों की प्रतिक्रिया
वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए बेंगलुरु साउथ के भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि डीके शिवकुमार कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करते हैं और ऐसी सार्वजनिक बेइज्जती 7 करोड़ कन्नड़ लोगों की इज्जत का अपमान है।
उन्होंने इस घटना की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा वीरेंद्र पाटिल को हटाए जाने की घटना से की। भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने भी कहा कि राजनीतिक विशेषाधिकार किसी को दूसरों की बेइज्जती करने का अधिकार नहीं देता।
मार्च का उद्देश्य
यह घटना सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर आयोजित एक मार्च के दौरान हुई। इंडिया गठबंधन के नेता वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ज्ञापन देने के लिए मार्च कर रहे थे।
मार्च के बाद विपक्षी नेताओं ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मिलने की कोशिश की, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। इस मार्च में राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी, नेहा बोरा, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता शामिल थे, इसके अलावा डीके शिवकुमार और अन्य कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे।





