त्यौहारों के इस माहौल के बीच देश भर से राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक खबरें सुर्खियों में रहीं। इस हफ्ते की प्रमुख घटनाओं में मुंगेर की हिंसा से लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की प्रशासनिक लापरवाहियों तक के कई बड़े मामले सामने आए हैं, जिन्होंने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
बिहार के मुंगेर में दो पक्षों के बीच हुई खूनी झड़प और खुलेआम गोलीबारी ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। वहीं, उत्तर प्रदेश में विजय दशमी के अवसर पर राजा भैया द्वारा अपने अस्त्र-शस्त्रों की खुली नुमाइश चर्चा का विषय बनी रही। गौरतलब है कि पिछले साल उनकी पत्नी ने अवैध और प्रतिबंधित हथियारों को लेकर पीएमओ में शिकायत दर्ज कराई थी, बावजूद इसके इस तरह का खुला प्रदर्शन सत्ता के संरक्षण की ओर इशारा करता है।
उत्तर प्रदेश से ही अलीगढ़ की एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ जीटी रोड पर एक ऑडी कार ने बाइक सवार मनोज को टक्कर मारकर कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह गाड़ी कथित तौर पर एक पूर्व बीजेपी नेता के परिवार से जुड़ी बताई जा रही है। इसके अलावा, कासगंज के पटियाली ब्लॉक से बीडीओ संजीव कुमार का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे खुलेआम घूसखोरी के रेट और डीएम-सीडीओ तक हिस्सा पहुंचने की बात कबूल कर रहे हैं।
मीडिया की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे जब एबीपी न्यूज़ द्वारा भोजपुरी गायिका नेहा सिंह राठौर के हॉस्टल को लेकर बिना किसी पुष्टि के एक भ्रामक खबर चलाई गई, जिसे बाद में चैनल को गलत मानना पड़ा। मध्य प्रदेश के दमोह में दुर्गा विसर्जन के दौरान नियमों का पालन करा रहे नगर पालिका सीएमओ के साथ भीड़ द्वारा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर दुर्व्यवहार किया गया। वहीं, गुजरात के राजकोट सिविल अस्पताल से एक बुजुर्ग महिला द्वारा अपने बीमार पति को स्ट्रेचर पर खींचकर ले जाने की तस्वीर ने स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों को उजागर कर दिया।
इस पूरी खबर को वीडियो फॉर्मेट में देखिए के लिए, क्लिक करें नीचे दिए गए लिंक पर- https://youtu.be/V3_E6sNGE1g?si=9WUVPVTz7D7gUSib





