फारुख अब्दुल्ला का विवादास्पद बयान
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला के बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे राष्ट्र विरोधी करार देते हुए निंदा की है। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने अब्दुल्ला के इस बयान से दूरी बना ली है। अब गुलाम नबी आजाद, जो कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं और अब्दुल्ला के पुराने सहयोगी हैं, ने इस बयान की खंडन किया है।
आजाद ने कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर का कोई वास्तविक दुश्मन है, तो वह पाकिस्तान है।
गुलाम नबी आजाद की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में गुलाम नबी आजाद ने अपनी असहमति व्यक्त करते हुए कहा, "मैं फारूक साहब का सम्मान करता हूं, लेकिन उनका बयान पूरी तरह गलत है। अगर कोई भारत और जम्मू-कश्मीर के लोगों का दुश्मन है, तो वह पाकिस्तान है।" उन्होंने यह भी कहा कि "पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की स्थिति देखिए, जहां लोग अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।"
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 1947 से लेकर आज तक, विभिन्न केंद्र सरकारों ने जम्मू-कश्मीर के विकास में योगदान दिया है।
कांग्रेस का रुख स्पष्ट
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस ने अब्दुल्ला के बयान से स्पष्ट दूरी बना ली है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने कहा कि पाकिस्तान को हमारे आंतरिक मामलों में बोलने या हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अब्दुल्ला की टिप्पणी केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा पूरा न होने की निराशा व्यक्त करती है।
उन्होंने यह भी कहा, "पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ छद्म युद्ध छेड़ता रहा है और आतंकवाद प्रायोजित करके जम्मू-कश्मीर में निर्दोष लोगों की जान लेता रहा है।"
फारुख अब्दुल्ला का बयान
यह मामला उस वक्त शुरू हुआ जब फारुख अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान के संबंध में अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "क्या आप उम्मीद करेंगे कि वे आपके साथ न्याय करेंगे?" उन्होंने यह भी कहा कि अगर साहस नहीं होगा, तो जम्मू-कश्मीर का अस्तित्व मिट जाएगा।
अब्दुल्ला ने कहा, "वे आज चुप हैं क्योंकि दुनिया में इस मुद्दे पर आवाज उठ रही है और हमारा पड़ोसी लगातार इसके पीछे लगा हुआ है।"
अन्य प्रतिक्रियाएँ
इस बीच, पूर्व मंत्री इमरान अंसारी ने भी अब्दुल्ला की आलोचना की और लोगों से उनके बयानों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि "कृपया फारूक साहब का अनुसरण न करें।"
इसके अतिरिक्त, कश्मीरी पंडित संगठन पनुन कश्मीर और जम्मू स्टेट पीपुल्स मूवमेंट ने अब्दुल्ला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए जम्मू के चन्नी पुलिस थाने में शिकायत दी है। इन संगठनों ने अब्दुल्ला के कथित बयानों की पुलिस जांच की मांग की है।





