सभी राजनीतिक दलों पर निशाना
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने भारत के राजनीतिक दलों की सक्रियता पर कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें भारतीय राजनीति में कोई भी पार्टी पसंद नहीं है। इससे पहले उन्होंने अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर भी व्यंग्य किया था, खासतौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस का नाम लेते हुए। काटजू ने आरोप लगाया कि ये दल जनता के प्रति असंवेदनशील हैं।
काटजू ने अपने एक बयान में कहा, 'मैंने बार-बार कांग्रेस और अन्य दलों की आलोचना की है। कई लोग यह सोचते हैं कि मैं भाजपा का समर्थक हूं, जो पूरी तरह गलत है। मैं कांग्रेस, भाजपा और सभी राजनीतिक दलों के खिलाफ हूं। मैं इन्हें बेकार मानता हूं, क्योंकि इनका मुख्य ध्यान सत्ता और धन पर है, न कि लोगों की भलाई पर।'
राजनीति में नफरत का खेल
काटजू ने वोट की राजनीति में जातिगत और सांप्रदायिक नफरत फैलाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, 'ये राजनीतिक दल केवल समाज को विभाजित करने और वोट जुटाने में माहिर हैं। मैं विश्वास करता हूं कि भविष्य में ऐसे नेता उभरेंगे, जो देश की भलाई के लिए कार्य करेंगे।'
उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि जब भी देश संकट में होता है, तब प्रकृति महान नेताओं को जन्म देती है। उन्होंने इंग्लैंड के ओलिवर क्रोमवैल, फ्रांस के रोबस्पीयर और रूस के लेनिन का उल्लेख किया। काटजू का मानना है कि ऐसे नेता अब भी सामने आएंगे।
CJP पर कटाक्ष
काटजू ने CJP की गतिविधियों पर भी सवाल उठाए हैं, विशेषकर उनके द्वारा पीस बॉंड पर हस्ताक्षर करने को लेकर। उन्होंने कहा, 'इसका मतलब है कि आपने यह स्वीकार कर लिया है कि आप अब कोई आंदोलन नहीं करेंगे। यदि आप आंदोलन करते हैं, तो पुलिस कहेगी कि आप शांति भंग कर रहे हैं और आपको जेल भेज दिया जाएगा।'
काटजू ने कहा, 'CJP अब समाप्त हो चुकी है। ये नेता डरते हैं जेल जाने से और पीस बॉंड साइन करके अपनी स्थिति कमजोर कर चुके हैं।' उन्होंने CJP के नेताओं को नाई की उपमा देते हुए कहा कि उनका साहस टूट गया है।
मॉक पार्लियामेंट पर टिप्पणी
इससे पहले, काटजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित मॉक पार्लियामेंट की भी आलोचना की। उन्होंने इस बैठक में विभिन्न नेताओं को विभिन्न मंत्रालयों का जिम्मा दिए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा, 'सोनिया गांधी को राष्ट्रपति, राहुल गांधी को प्रधानमंत्री, ममता बनर्जी को गृह मंत्री तथा अन्य को विभिन्न मंत्रालयों का जिम्मा सौंपा गया है।'
काटजू ने यह भी कहा, 'मुझे विश्वास है कि ये सभी नेता जल्द ही भारत को समृद्धि की ओर ले जाएंगे और देश की समस्याओं को समाप्त करेंगे, जिनमें गरीबी, बेरोजगारी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी शामिल हैं।'





