साजिश का आरोप
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने स्थानीय भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए एक बड़ी साजिश का सामना करना पड़ा। बीरेन सिंह ने स्पष्ट किया कि वह दिल्ली के नेतृत्व पर आरोप नहीं लगा रहे हैं, बल्कि राज्य के कुछ नेताओं पर आरोप लगा रहे हैं, जिन्होंने कांग्रेस के साथ मिलकर उनके खिलाफ साजिश की।
बीरेन सिंह ने यह भी कहा कि कुछ विधायक यह स्वीकार नहीं कर पाए कि वह कांग्रेस छोड़ने के बाद दो बार मुख्यमंत्री कैसे बने। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को अपनी निजी संपत्ति मानने वाले इन नेताओं ने साजिश रचकर उन्हें इस्तीफा देने पर मजबूर किया।
विभाजन और हिंसा की स्थिति
पूर्व मुख्यमंत्री ने नगा और कुकी समुदायों के बीच जारी हिंसा की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनके हटने से मणिपुर में शांति बहाल करने में मदद नहीं मिलेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि 2023 के फरवरी में खेमचंद सरकार बनने के बाद शुरू हुई हिंसा की लहर के बारे में क्या सोचा जा सकता है।
बीरेन सिंह ने कहा, "अब जब मैं हट गया हूं, तो क्या हुआ? कितने नगा भाई मारे गए हैं?" उन्होंने यह भी कहा कि वे उन पर आरोप लगाते रहे हैं कि वह बहुसंख्यकों का पक्ष लेते हैं, जबकि अब यह लड़ाई ईसाई बनाम ईसाई की हो गई है।
सरकार की नीतियों पर चिंता
बीरेन सिंह ने वर्तमान सरकार की नीतियों पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा जनता का विश्वास खो रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रमुख राजनीतिक मुद्दों पर ठोस कार्य नहीं दिखाई दे रहा है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जनता की बढ़ती बेचैनी विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए नुकसानदायक हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि नशा-विरोधी अभियान और अवैध प्रवासियों की पहचान जैसे मुद्दों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।
इस्तीफे के कारण
बीरेन सिंह ने बताया कि उन्होंने नौ फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, जब सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा था। उन्होंने कहा, "राजनीतिक खेलों के कारण मुझे झुकना पड़ा।"
उन्होंने यह भी बताया कि उनके मंत्रिमंडल के सदस्य खेमचंद उन वरिष्ठ भाजपा नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर उन्हें हटाया नहीं गया, तो सरकार गिर सकती है।
भविष्य की संभावनाएं
जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले जनता का खोया हुआ विश्वास वापस पा सकती है, तो उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्रीय नेतृत्व स्थिति को संभालने के लिए हस्तक्षेप करेगा।
बीरेन सिंह ने यह भी कहा कि जनता की मांग है कि वह फिर से मुख्यमंत्री बनें, लेकिन यह निर्भर करेगा कि पार्टी को बहुमत मिलता है या नहीं।





