परविंदर झोटा के पिता का स्पष्ट संदेश
पंजाब के मानसा जिले में हाल ही में मारे गए प्रसिद्ध एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के पिता ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से स्पष्ट रूप से आग्रह किया है कि वे या उनके परिवार का कोई सदस्य उनसे मिलने न आए। पिता ने कहा कि उनका राहुल गांधी के साथ कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, फिर भी वे चाहते हैं कि नेहरू-गांधी परिवार और इंदिरा गांधी परिवार का कोई सदस्य उनके घर न आए।
झोटा के पिता ने कहा, 'राहुल गांधी नियमित रूप से यहां आते हैं। मेरा उनका साथ कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं है, लेकिन मैं आपसे निवेदन करता हूं कि कृपया हमें माफ कर दें और यहां न आएं।'
झोटा की हत्या और उसका प्रभाव
यह अपील 13 अक्टूबर 2026 को झोटा की दिनदहाड़े हत्या के बाद आई है, जिसने पंजाब में व्यापक आक्रोश पैदा किया। हत्या के तुरंत बाद, कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए। परिवार ने धरना दिया और मांग की कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए।
परविंदर सिंह झोटा (42) एक पूर्व राज्य स्तर के बॉक्सर और एथलीट थे, जिनका उपनाम 'झोटा' था। वे नशे के खिलाफ सक्रियता के लिए जाने जाते थे, खासकर जब उन्होंने अपने एक दोस्त को ओवरडोज से मरते देखा। इसके बाद उन्होंने एंटी-ड्रग अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।
हत्या की घटना का विवरण
बताया जाता है कि 13 अक्टूबर 2026 को झोटा मानसा के एक व्यस्त बाजार में एक मेडिकल स्टोर के मालिक अश्विनी कुमार के साथ नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर बहस कर रहे थे। यह बहस फेसबुक पर लाइव स्ट्रीम हो रही थी, जब अचानक उन पर गोली चल गई, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को कुछ समय बाद राजस्थान के सालासर में एक संयुक्त पुलिस ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।
पंजाब में सामूहिक प्रदर्शन
झोटा की हत्या के बाद पूरे पंजाब में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। राजनीतिक नेताओं और परिवार के सदस्यों ने मांग की कि मामले की जांच राज्य पुलिस से हटा कर सीबीआई को सौंपी जाए।
इन मांगों के चलते झोटा की हत्या की जांच अब सीबीआई द्वारा की जा रही है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।





