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पूर्व CDS अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर के विवरण पर सवाल उठाए

पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने आशंका जताई है कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी अमेरिका को लीक कर दी हो। उन्होंने कहा कि भारत

पूर्व CDS अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर के विवरण पर सवाल उठाए
फोटो: Operation Sindoor

ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी लीक होने का संदेह

पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने आशंका जताई है कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी अमेरिका को लीक कर दी हो। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम पर द्विपक्षीय वार्ता हुई थी, जिसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी। चौहान ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि अमेरिका ने इस घटनाक्रम का पहले ही ऐलान कैसे कर दिया।


चौहान ने मंगलवार को इस संबंध में कई महत्वपूर्ण बातें साझा की। उन्होंने बताया कि 29 अप्रैल को आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने का निर्णय लिया गया था, और इस पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं था। उल्लेखनीय है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने दोनों देशों के बीच सीजफायर कराए।


सीजफायर वार्ता का विवरण

ऑपरेशन सिंदूर: चौहान ने स्पष्ट किया कि सीजफायर का समय और प्रक्रिया भारतीय डीजीएमओ के बीच तय की गई थी। उन्होंने कहा, 'मैंने आपको बताया था कि उन्होंने लगभग 9:30 बजे फोन उठाया और बातचीत की। हमने समय खुद चुना।' उन्होंने बताया कि वार्ता में अमेरिका की भूमिका नहीं थी और यह केवल दोनों देशों के बीच की बातचीत थी।


चौहान ने कहा, 'सीजफायर दो डीजीएमओ के बीच तय हुआ था और यही बात थी। इसका मतलब है कि मुझे इसमें किसी और की भूमिका नजर नहीं आती।'


जानकारी अमेरिका तक कैसे पहुंची?

ऑपरेशन सिंदूर: चौहान ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह जानकारी अमेरिका तक कैसे पहुंची, विशेषकर जब अमेरिका ने इस पर ट्वीट कर दिया था। उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो मुझे पक्का नहीं पता, लेकिन यह हमारी तरफ से लीक नहीं हुई थी।' उनका मानना है कि यह जानकारी किसी अन्य पक्ष से लीक हुई हो सकती है।


उन्होंने कहा, 'तो मुझे लगता है कि वो बात किसी तरह दूसरी पक्ष की तरफ से लीक हो गई होगी। ऐसा मुझे लगता है।'


किराना हिल्स पर हमले का स्पष्टीकरण

चौहान ने किराना हिल्स के बारे में भी जानकारी दी, जहां पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने स्थित हैं। उन्होंने कहा कि एयर मार्शल भारती ने स्पष्ट किया था कि किराना हिल्स को निशाना नहीं बनाया गया था।


उन्होंने कहा, 'मैं शायद कुछ हद तक समझा सकता हूं... उन हमलों से पहले, हमने सरगोधा में कई ड्रोन भेजे थे और किराना हिल्स सरगोधा से लगभग 10 किलोमीटर उत्तर में है।' चौहान ने बताया कि ड्रोन का उद्देश्य राडार की पहचान करना था और अगर लक्ष्य नहीं मिला, तो ड्रोन नीचे आकर कहीं टकरा जाते।


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