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मणिपुर में हिंसा के बाद सभी दलों की बैठक की मांग, विपक्ष ने सरकार को घेरा

मणिपुर में हालात बिगड़ने के बाद विपक्ष ने शांति बहाली के लिए बैठक की मांग की।

मणिपुर में हिंसा के बाद सभी दलों की बैठक की मांग, विपक्ष ने सरकार को घेरा
फोटो: Demand for All-Party Meeting After Violence in Manipur, Opposition Criticizes Government

मणिपुर में हालात बिगड़े, विपक्षी प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

मणिपुर के इम्फाल ईस्ट जिले में तीन मैतेई नागरिकों की हत्या के बाद राज्य का राजनीतिक और सामाजिक माहौल एक बार फिर तनावपूर्ण हो गया है। ये हत्याएँ उग्रवादियों द्वारा लकड़ी एकत्र करने गए नागरिकों पर की गईं। इस घटना के चलते जनाक्रोश भड़क उठा और जगह-जगह पर प्रदर्शन शुरू हो गए। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन 'INDIA' का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से उनके आधिकारिक आवास पर मिला।


प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में गिरती कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री से तात्कालिक सर्वदलीय बैठक बुलाने तथा शांति बहाली के लिए सामूहिक प्रयास करने का आग्रह किया।


मुख्यमंत्री से बैठक में प्रमुख नेताओं की भागीदारी

मुख्यमंत्री सचिवालय में हुई इस बैठक में कई प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हुए। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह, कांग्रेस विधायक दल के नेता के. मेघचंद्र सिंह, लोकसभा सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम, विधायक ओकराम सुरजाकुमार और 'INDIA' ब्लॉक के अन्य घटक दलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे। विपक्ष ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की।


इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय गृह मंत्री से मिलने और ज्ञापन सौंपने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से समय निर्धारित करने का भी आग्रह किया।


हत्याओं के खिलाफ प्रदर्शन और 48 घंटे का बंद

यह राजनीतिक घटनाक्रम इम्फाल ईस्ट के उयुमपोक और नोंगशुम क्षेत्र में हुई दुखद घटना के बाद उभरा, जहां उग्रवादियों ने तीन ग्रामीणों की हत्या कर दी थी। इस घटना से नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने मुख्यमंत्री के आधिकारिक बंगले के बाहर दो शवों को लाकर रख दिया और सुरक्षा में चूक का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।


नागरिक संगठनों ने हत्याओं के विरोध में पूरे मणिपुर में 48 घंटे का बंद का आह्वान किया, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। विपक्ष ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी राजनीतिक दल और समुदाय एक साथ बैठकर बातचीत नहीं करेंगे, तब तक आम जनता के बीच सुरक्षा का विश्वास बहाल करना कठिन होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सर्वदलीय बैठक के लिए किसी निश्चित तारीख का ऐलान नहीं किया है।


मुख्यमंत्री का बयान

विपक्षी नेताओं से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "INDIA ब्लॉक के प्रतिनिधियों ने मुझसे संपर्क कर मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर अपनी चिंताएं साझा की हैं और सर्वदलीय बैठक बुलाने का प्रस्ताव रखा है। मैंने उनकी सभी बातों को ध्यानपूर्वक सुना है और आश्वासन दिया है कि इस मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। शांति बनाए रखने और राज्य में स्थिति सामान्य करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर सार्थक चर्चा हुई है।"