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दिल्ली सुपर स्पेशलिटी मेडिकल सेंटर: AIIMS जैसी सुविधा हब

दिल्ली सुपर स्पेशलिटी मेडिकल सेंटर के तहत तीन अस्पतालों को जोड़कर AIIMS जैसी सुविधा वाला हब बनाया जाएगा, मरीजों को विशेष और समन्वित सेवाएं मिलेंगी।

दिल्ली सुपर स्पेशलिटी मेडिकल सेंटर: AIIMS जैसी सुविधा हब
फोटो: Delhi hospital development project, Delhi super specialty medical center
दिल्ली अस्पताल विकास परियोजना: दिल्ली सरकार पूर्वी दिल्ली के तीन प्रमुख सरकारी अस्पतालों- गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल, दिल्ली स्टेट कैंसर संस्थान और राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, को मिलाकर एक इंटीग्रेटेड मेडिकल हब बनाने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को दिल्ली सचिवालय में हुई उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद इस योजना की घोषणा की।

इस नए हब को AIIMS की तर्ज पर विकसित किया जाएगा और यह एक स्वायत्त संस्था के रूप में काम करेगा, जिसका मतलब है कि इसके प्रशासनिक और चिकित्सकीय फैसले स्वतंत्र रूप से लिए जा सकेंगे।

दिल्ली सुपर स्पेशलिटी मेडिकल सेंटर

दिल्ली सुपर स्पेशलिटी मेडिकल सेंटर और IHBAS के विकास से न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का भी बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।दिल्ली सरकार मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दे रही है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS) की तर्ज पर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (IHBAS) को विकसित कर मानसिक स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने और मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

अस्पतालों की वर्तमान स्थिति और जरूरत

अधिकारियों के अनुसार GTB अस्पताल अपनी डिजाइन क्षमता से ज्यादा मरीजों को देख रहा है। मूल रूप से 1,400 बेड के लिए डिज़ाइन किया गया यह अस्पताल अब 1,500 से अधिक बेड पर संचालन कर रहा है। हर साल यहाँ लगभग 14 लाख OPD विज़िट होती हैं और 95,000 मरीज भर्ती होते हैं।

इसके विपरीत, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 650 बेड हैं, लेकिन केवल लगभग 250 बेड ही उपयोग में हैं। दिल्ली स्टेट कैंसर संस्थान सालाना लगभग 1.27 लाख OPD मरीजों को देखता है, जबकि राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में OPD विज़िट लगभग 2.87 लाख हैं।

इन तीनों अस्पतालों को जोड़कर दिल्ली सुपर स्पेशलिटी मेडिकल सेंटर बनाया जाएगा, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग और मरीजों के लिए समन्वित सेवाएं सुनिश्चित होंगी।

विशेषज्ञ और उपकरणों का बेहतर इस्तेमाल 

अधिकारियों ने बताया कि तीनों अस्पतालों को एकीकृत करने से सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं का वितरण व्यवस्थित और कुशल तरीके से होगा। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इस एकीकरण से डॉक्टरों, विशेषज्ञों और महंगे मेडिकल उपकरणों का अधिकतम इस्तेमाल संभव होगा।

इस योजना से मरीजों को विशेषीकृत और समन्वित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकेंगी, जिससे समय की बचत और इलाज की गुणवत्ता में सुधार होगा।

इस तरह दिल्ली में स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है, जो मरीजों के लिए सुविधाओं और अस्पतालों की कार्यकुशलता दोनों को बढ़ावा देगा।

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