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वक्फ की संपत्तियों पर कब्जे की साजिश, अगला निशाना मंदिर, गुरुद्वारे और चर्च? - संजय सिंह

संजय सिंह ने सरकार पर धार्मिक संपत्तियों पर कब्जा करने की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "आज आप वक्फ की संपत्तियां हड़पने की कोशिश कर रहे हैं |

वक्फ की संपत्तियों पर कब्जे की साजिश, अगला निशाना मंदिर, गुरुद्वारे और चर्च? - संजय सिंह
फोटो: वक्फ की संपत्तियों पर कब्जे की साजिश, अगला निशाना मंदिर, गुरुद्वारे और चर्च? - संजय सिंह
वक्फ संसोधन विधेयक पर गुरुवार को राज्यसभा में बहस हुई। इस दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने विधेयक का विरोध किया। AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अपनी बात की शुरुआत कवि उदय प्रताप की प्रसिद्ध पंक्तियों से की— "न तेरा है, न मेरा है, ये हिंदुस्तान सबका है। जो आकर मिल गई इसमें, वो नदियां दिखलाई नहीं देतीं, महासागर बनाने में योगदान सबका है।" इसके बाद, उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बचपन से एक बात सुनते आए हैं—सरकार माई-बाप होती है, यानी सरकार अपने सभी नागरिकों की देखभाल करती है। लेकिन इस सरकार की नीयत कुछ और ही नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक अधिकारों को गैर-संवैधानिक कानूनों के जरिए छीनने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने सरकार के इस दावे पर भी तंज कसा कि यह कानून मुसलमानों के भले के लिए लाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "जब मैं यह सुनता हूं, तो ऐसा लगता है जैसे मैं कपिल शर्मा की कॉमेडी शो देख रहा हूं। आप मुसलमानों की भलाई कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि दोनों सदनों में एकमात्र गुलाम अली को छोड़कर आपकी पार्टी में एक भी मुसलमान सांसद नहीं है। आपने शाहनवाज हुसैन और मुख्तार अब्बास नकवी जैसे नेताओं की राजनीति खत्म कर दी, और अब दावा कर रहे हैं कि आप मुसलमानों का भला कर रहे हैं?"

सरकार ने राम मंदिर की ज़मीन में घोटाला किया

 
संजय सिंह ने सरकार पर धार्मिक संपत्तियों पर कब्जा करने की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "आज आप वक्फ की संपत्तियां हड़पने की कोशिश कर रहे हैं और इन्हें अपने करीबी उद्योगपतियों को देने की योजना बना रहे हैं। लेकिन किसी को खुश नहीं होना चाहिए, क्योंकि कल नंबर औरों का भी आएगा—गुरुद्वारों, चर्चों और मंदिरों की संपत्तियों की बारी भी जल्द आएगी।" संजय सिंह ने भाजपा सरकार पर राम मंदिर के नाम पर भ्रष्टाचार करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "ये लोग वही हैं जिन्होंने राम मंदिर की जमीन में घोटाला किया। भगवान राम के नाम पर लिया गया चंदा भी हड़प लिया। चंदा चोरों, बैठ जाओ! तुम लोग चंदा चोर हो!" संजय सिंह की इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष के सांसद भड़क उठे और सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने संजय सिंह के बयान पर प्वाइंट ऑफ ऑर्डर उठाते हुए कड़ी आपत्ति जताई।

संजय सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "आप कहते हैं कि यह बिल पिछड़ों और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए लाया गया है। अगर वाकई ऐसा है, तो अगले सत्र में एक विधेयक लाइए, जो छुआछूत को पूरी तरह खत्म करे। मंदिरों के ट्रस्टों में 80% पिछड़ों, दलितों और जनजातियों को जगह दिलाने का कानून पास कीजिए, फिर मैं आपका अभिनंदन करूंगा।" उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या के जिलाधिकारी के हिंदू न होने के कारण एडीएम को सदस्य बनाए जाने का प्रावधान किया गया था, जिसका हम समर्थन करते हैं।

संजय सिंह ने 2013 में पारित एक संशोधन विधेयक की याद दिलाते हुए भाजपा को चुनौती दी, "कह दीजिए कि मैं गलत बोल रहा हूं।" उन्होंने भाजपा के 2009 के घोषणापत्र का हवाला दिया, जिसमें वक्फ की जमीनों से अवैध कब्जा हटाने की बात कही गई थी। उन्होंने आगे कहा, "2020 में भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा कि 99% वक्फ संपत्तियां डिजिटाइज हो चुकी हैं। मुख्तार अब्बास नकवी का बयान था कि 100% संपत्तियों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है। तो फिर अब कागज़ क्यों मांगे जा रहे हैं? यह केवल फसाद कराने का षड्यंत्र है।"

"पहले एक नीरव मोदी को पकड़िए, फिर मुसलमानों की चिंता कीजिए"


उन्होंने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा, "आप मुसलमानों की चिंता का ढोंग कर रहे हैं। एक नीरव मोदी को पकड़कर लाइए और उससे वसूले गए 12,000 करोड़ रुपये मुसलमानों को दीजिए—आपका खुद का 8,000 करोड़ का मुनाफा होगा!" संजय सिंह ने सच्चर कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने खुद सैकड़ों वक्फ संपत्तियों पर कब्जा कर रखा है। उन्होंने सरकार से पूछा, "कैसे तय करेंगे कि कौन 'प्रैक्टिसिंग मुस्लिम' है? आपकी नीयत मुसलमानों का भला करने की नहीं, बल्कि समाज में विभाजन पैदा करने की है।" उन्होंने अंत में कहा, "आप मुसलमानों को सुधारने के नाम पर करोड़ों हिंदुओं का नुकसान कर रहे हैं। अभी भी समय है—इस विधेयक को वापस लीजिए!"