पवन खेड़ा ने लिखा कि, "अमेरिका से भारतीयों को हथकड़ी लगाकर और अपमानित करके निर्वासित किए जाने की तस्वीरें देखकर एक भारतीय होने के नाते मुझे गहरी पीड़ा हो रही है।" उन्होंने आगे कहा कि यह घटना उन्हें 2013 के दिसंबर महीने में घटित उस मामले की याद दिलाती है, जब भारतीय राजनयिक देवयानी खोब्रागड़े को अमेरिका में सार्वजनिक रूप से हथकड़ी पहनाई गई थी और उनका स्ट्रिप सर्च किया गया था, जो कि राजनयिक शिष्टाचार के खिलाफ था। पवन खेड़ा ने कहा कि, "उस समय विदेश सचिव सुजाता सिंह ने अमेरिका की राजदूत नैन्सी पॉवेल के सामने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया था।"
पवन खेड़ा के मुताबिक, तब यूपीए सरकार ने इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। मीरा कुमार, सुशील कुमार शिंदे और राहुल गांधी जैसे नेताओं ने भारत दौरे पर आए अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया था।
तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इस घटना को "निंदनीय" बताया था और इसे भारतीय सम्मान का उल्लंघन माना था।
इतना ही नहीं, भारत सरकार ने अमेरिकी दूतावास को दी जाने वाली कई सुविधाएं भी वापस ले ली थीं। इनमें दूतावास कर्मियों के लिए खाद्य पदार्थों और शराब के रियायती आयात की अनुमति भी शामिल थी। इसके अलावा, आयकर विभाग ने अमेरिकी दूतावास के स्कूल की जांच भी शुरू कर दी थी। इस सबके बाद, अमेरिकी प्रशासन ने देवयानी खोब्रागड़े के साथ किए गए व्यवहार पर खेद व्यक्त किया था। अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने देवयानी के साथ हुए इस अपमानजनक व्यवहार पर खेद जताया था, और अमेरिकी प्रशासन ने विदेश सचिव सुजाता सिंह को फोन कर इस पर माफी मांगी थी।
देवयानी खोब्रागड़े प्रकरण
देवयानी खोब्रागड़े भारतीय विदेश सेवा की एक प्रतिष्ठित अधिकारी थीं। 2013 में उन्हें न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में डिप्टी काउंसल जनरल के पद पर तैनात किया गया था। इस दौरान, उन्हें अपनी घरेलू सहायिका संगीता रिचर्स को कम वेतन देने और उसके वीजा दस्तावेजों में हेरफेर करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी अमेरिका की इमिग्रेशन और कस्टम एन्फोर्समेंट एजेंसी (ICE) द्वारा की गई थी, जो इस मामले की जांच कर रही थी। देवयानी खोब्रागड़े को गिरफ्तार करने के बाद उनका जो व्यवहार किया गया, वह पूरी तरह से राजनयिक शिष्टाचार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मानकों के खिलाफ था।
गिरफ्तारी के बाद, देवयानी को सार्वजनिक रूप से हथकड़ी पहनाई गई, और उनके कपड़े उतारकर तलाशी ली गई, जिससे उन्हें अपमानित किया गया। यह घटना न सिर्फ भारतीय सरकार के लिए एक बड़ा अपमान थी, बल्कि इसने भारत और अमेरिका के बीच राजनयिक रिश्तों को भी प्रभावित किया। भारत ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताया और अमेरिकी सरकार से इस अपमानजनक व्यवहार पर खेद व्यक्त करने की मांग की।
इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनयिक संबंधों को प्रभावित किया और भारत ने इसे एक गंभीर मुद्दे के रूप में उठाया। आज भी देवयानी खोब्रागड़े का मामला भारत-अमेरिका रिश्तों में एक काले धब्बे के रूप में याद किया जाता है।
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