खरगे की मांगें और आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को आजादी की दूसरी लड़ाई बताते हुए इस प्रक्रिया को तुरंत रोकने का आह्वान किया। उन्होंने भविष्य के सभी चुनावों को मतपत्रों के माध्यम से कराने और पिछले दो वर्षों में हुए सभी विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग की।
खरगे ने बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विचारधारा देश में विभाजन पैदा कर रही है। उन्होंने कहा, 'जब तक आरएसएस की विचारधारा समाप्त नहीं होगी, तब तक देश में शांति नहीं होगी।'
निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते हुए
खरगे ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची में हेरफेर और विपक्षी दलों के समर्थकों के नाम हटाने का आरोप लगाया। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने और संविधान की रक्षा करने की अपील की। उन्होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र में 'वोट चोरी' के जरिए स्थापित सरकारों को हटाना होगा।'
खरगे ने जनता की मांग को उचित ठहराते हुए कहा कि वे निर्वाचन आयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही की हकदार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनावों को पारदर्शी रूप से संपन्न कराना आवश्यक है, जिससे लोकतंत्र की रक्षा हो सके और हर वोट का महत्व सुनिश्चित हो।
भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति का आरोप
खरगे ने भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए एकता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए एकजुट होना अनिवार्य है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'हम देशभक्त हैं और एकता, समानता तथा संविधान में विश्वास करते हैं। हम भाजपा नेताओं की तरह राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को बांटने में विश्वास नहीं करते।'
उन्होंने बिहार की जनता से एसआईआर के खिलाफ 'देशव्यापी आंदोलन' का समर्थन करने की अपील की और इसे आजादी की दूसरी लड़ाई का नाम दिया।
विवादास्पद टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के दौरान खरगे की उस टिप्पणी पर विवाद उत्पन्न हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था, 'मोदी का बाप भी जाएगा।' उन्होंने यह प्रतिक्रिया एक व्यक्ति की टिप्पणी के बाद दी, जिसने कहा था कि 'प्रधानमंत्री कहीं नहीं जाएंगे।' खरगे ने कहा, 'कांग्रेस एसआईआर प्रक्रिया में शामिल लोगों को जेल भेजेगी।'
इस टिप्पणी पर भाजपा, जद(यू) और अन्य दलों के नेताओं ने आलोचना की। श्रीकृष्ण सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए खरगे ने कहा कि बिहार के पहले मुख्यमंत्री ने संस्थानों का निर्माण कर कृषि, उद्योग, शिक्षा और सिंचाई को बढ़ावा दिया।
नीतीश कुमार पर निशाना
खरगे ने जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह कभी समाजवादी नेताओं के साथ खड़े होते थे, लेकिन अब भाजपा के साथ हैं। उन्होंने कहा, 'यह उन समाजवादी आदर्शों के विपरीत है, जिनसे वह कभी जुड़े हुए थे।'
खरगे ने जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसा भेदभाव मानवीय गरिमा और समानता के सिद्धांतों को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने यह भी कहा, 'हमारी लड़ाई धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि धर्म के नाम पर होने वाले भेदभाव के खिलाफ है।'





