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राष्ट्रीय • दिल्ली

कांग्रेस ने पीएम मोदी को दिए बैलेट पेपर से चुनाव कराने का चैलेंज

कांग्रेस ने पीएम मोदी से बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है।

कांग्रेस ने पीएम मोदी को दिए बैलेट पेपर से चुनाव कराने का चैलेंज
फोटो: Congress Challenges PM Modi to Conduct Elections via Ballot Paper

कांग्रेस का जवाब और चैलेंज

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया तंज का ठोस जवाब दिया है। दरअसल, पीएम मोदी ने विधान परिषद चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल के बावजूद कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर कटाक्ष किया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने कहा कि यदि मोदी को ईवीएम पर पूरा विश्वास है कि इसके कारण चुनाव परिणाम प्रभावित नहीं होते, तो उन्हें भविष्य में सभी प्रमुख चुनाव बैलेट पेपर से कराने की स्पष्ट प्रतिबद्धता व्यक्त करनी चाहिए।


कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुला चैलेंज दिया है। उन्होंने लिखा कि मोदी को अपनी चुनावी शक्ति और ईवीएम पर भरोसा केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि ठोस कार्यों के माध्यम से साबित करना चाहिए।


खेड़ा की चार प्रमुख मांगें

पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री के सामने चार महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उनका कहना है कि सरकार को भविष्य में होने वाले सभी लोकसभा और विधानसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने का वादा करना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने एसआईआर को तुरंत स्थगित करने की मांग की। खेड़ा का दावा है कि मतदाता सूचियों से अवैध तरीके से 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिन्हें तुरंत बहाल किया जाना चाहिए।


इसके अलावा, उन्होंने चुनाव आयोग के शीर्ष पदाधिकारियों को हटाने और इन अधिकारियों को आजीवन संरक्षण देने वाले कानून को निरस्त करने की भी मांग की। खेड़ा ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रधानमंत्री इन मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाते, तब तक उनके दावों को गंभीरता से नहीं लिया जा सकता।


पीएम मोदी का कटाक्ष

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पोस्ट के माध्यम से कांग्रेस पर कटाक्ष किया था। उन्होंने लिखा था कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक जैसे चार बड़े राज्यों की 28 सीटों पर विधान परिषद के चुनाव हुए, जिनमें बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं। बुधवार को घोषित नतीजों के अनुसार, कर्नाटक में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली।


उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पांच सीटें और समाजवादी पार्टी ने तीन सीटें जीतीं। चार राज्यों में उच्च सदन की कुल 28 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव हुए, जिनमें बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ था, फिर भी कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर रहा।


ईवीएम बनाम बैलेट पेपर का विवाद

विपक्षी दल लंबे समय से ईवीएम के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। उनकी एक प्रमुख मांग यह है कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं। प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान उसी संदर्भ में आया जब विधान परिषद चुनावों में बैलेट पेपर के उपयोग के बावजूद कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि ईवीएम पर भरोसा इतना गहरा है, तो बड़े चुनावों में भी बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।