राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग पर वोटों की चोरी के आरोप लगाए हैं। हाल ही में एक अंग्रेजी समाचार पत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के दोनों चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद की बात सामने आने के बाद इन आरोपों को और मजबूती मिली। चुनाव आयोग ने इन दावों का तुरंत खंडन किया, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इस मुद्दे को अपने पक्ष में भुनाने का प्रयास किया।
अभिजीत दीपके ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया। हालाँकि, कांग्रेस और CJP के मुद्दे भले ही समान हों, दोनों एक-दूसरे का सक्रिय समर्थन करने में कतराते रहे हैं।
कांग्रेस का आंदोलन और विपक्ष की प्रतिक्रिया
जब अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे, तब राहुल गांधी वहाँ उपस्थित नहीं थे। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर विपक्षी दलों को चौंका दिया। ऐसा माना जाता है कि कांग्रेस ने इस कार्यक्रम की जानकारी अन्य विपक्षी दलों से साझा नहीं की थी। बाद में, राहुल ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का श्रेय लेने की कोशिश की, जबकि कई विपक्षी दल इसे CJP और दीपके की विजय मानते हैं।
कांग्रेस किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए सजग है। राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दल लगातार 2014 के बाद से ईवीएम पर सवाल उठाते आ रहे हैं, उनका आरोप है कि इसके माध्यम से वोटों में हेराफेरी होती है। चुनाव आयोग इन आरोपों को निराधार बताता रहा है। अब जब ज्ञानेश कुमार के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है, कांग्रेस इसे अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहती।
राहुल और प्रियंका का हिरासत में लेना
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए दो दिनों तक आंदोलन किया। हालांकि, उन्हें जंतर-मंतर जाने से पहले ही हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें छोड़ भी दिया गया। इस मामले में राहुल और प्रियंका ने विपक्षी इंडिया गठबंधन के अन्य दलों को भी चौंका दिया। बुधवार को आकाशवाणी परिसर में एक पेड़ के नीचे दोनों बैठे थे, लेकिन उनके साथ किसी अन्य दल का नेता नहीं था।
एक विपक्षी नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को 'भाई-बहन का शो' बनाना चाहती है।
दीपके की वापसी की कोशिश
ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर अभिजीत दीपके फिलहाल थोड़े पीछे नजर आ रहे हैं। वह दिल्ली में प्रदर्शन करने में असफल रहे हैं और मुंबई में किए गए आंदोलन को जंतर-मंतर जैसी सफलता नहीं मिल पाई। इसी कारण, उन्होंने 10 अक्टूबर को फिर से दिल्ली में आंदोलन की योजना बनाई है। इसके लिए उन्होंने कुछ फिल्मी हस्तियों का समर्थन भी हासिल किया है। हाल ही में उनका एक वीडियो सामने आया जिसमें प्रसिद्ध यूट्यूबर घ्रुव राठी भी शामिल हैं।





