नायडू का विवादास्पद बयान
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी को 'कंस मामा' के रूप में संदर्भित किया है। नायडू ने यह बयान जगन पर उनकी बहन वाईएस शर्मिला की बेटी की शादी को लेकर बेंगलुरु स्थित पारिवारिक पैलेस में आयोजित न करने देने के आरोपों के संदर्भ में दिया। उन्होंने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भगवान कृष्ण के मामा कंस का उदाहरण देते हुए जगन पर अपने परिवार के सदस्यों के प्रति गलत व्यवहार का आरोप लगाया।
नायडू ने कहा कि जगन ने अपनी मां और बहन के साथ संपत्ति विवाद में उचित व्यवहार नहीं किया है। इसके साथ ही उन्होंने जगन की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाते हुए उन पर विनाशकारी राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
शादी का विवाद और संपत्ति का बंटवारा
यह विवाद जगन की बहन वाईएस शर्मिला की बेटी वाईएस अंजली रेड्डी की शादी के आयोजन से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, शर्मिला चाहती थीं कि उनकी बेटी की शादी बेंगलुरु के येलहंका पैलेस में हो, जो उनके परिवार की संपत्ति है। अंजली की सगाई पिछले महीने हुई थी और उनकी शादी 25 नवंबर को प्रस्तावित है।
हालांकि, यह जानकारी मिली है कि जगन ने अपनी मां के माध्यम से शर्मिला तक संदेश पहुंचाया कि शादी का कार्यक्रम येलहंका पैलेस में आयोजित नहीं किया जा सकता। इसके पीछे सुरक्षा और निजता से संबंधित चिंताएं बताई गईं। शर्मिला ने रिश्तेदारों के जरिए भी जगन को मनाने का प्रयास किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। अंततः उन्हें शादी के लिए बेंगलुरु में एक और स्थान की तलाश करनी पड़ी। इस विवाद ने भाई-बहन के बीच लंबे समय से चल रहे संपत्ति विवाद को फिर से सामने ला दिया है।
परिवार के विवाद की जड़ें
जगन और शर्मिला के बीच संपत्ति को लेकर मतभेद उनके पिता और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की 2009 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु के बाद गहराने लगे थे। उस समय परिवार की संपत्ति का बंटवारा नहीं हो पाया था। जगन के 2019 में मुख्यमंत्री बनने के बाद दोनों के रिश्तों में और खटास आई। शर्मिला ने बाद में तेलंगाना में अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई और 2024 में कांग्रेस में शामिल होने की योजना बनाई।
स्थानीय निकाय चुनावों में हिंसा के आरोप
चंद्रबाबू नायडू ने जगन पर स्थानीय निकाय चुनावों से पहले आंध्र प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हिंसा फैलाने और उम्मीदवारों को डराने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने पुंगनूर, रायचोटी, कनिगिरी, दारसी, कडप्पा, थंबल्लापल्ले और तिरुपति में कथित हमलों के वीडियो प्रदर्शित किए।
नायडू ने आरोप लगाया कि लोगों को डराने के लिए पंजाब से व्यक्तियों को बुलाया गया और कनिगिरी में नामांकन पत्र छीनने के साथ जन सेना पार्टी के कार्यालय पर हमला किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। कुछ उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल करने में रुकावट आने की शिकायत भी दर्ज कराई है।





