गड़बड़ियों के लिए मांगी माफी
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव के दौरान मतदाता पर्चियों में गड़बड़ियों के मद्देनजर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने माफी मांगी है। सीईओ ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा, 'इस हैंडल पर किए गए ट्वीट में टिप्पणियों की भाषा और भावनाएँ इस प्लेटफॉर्म की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं हैं। हमें इस बात की गहन जानकारी है कि टिप्पणियों से कई लोगों में आक्रोश उत्पन्न हुआ है। हम इस स्थिति के लिए ईमानदारी से माफी मांगते हैं और भविष्य में हमारा संचार अधिक शालीन और औपचारिक होगा।'
विवादित ट्वीट का मामला
विधान परिषद की सीटों के लिए मतदान के दौरान कुछ मतदाता पर्चियों पर असामान्य नाम लिखे जाने की घटनाएँ सामने आईं। एक पर्ची में उल्लेख था, 'राम ने शर्मा को मारा', जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस पर सीईओ ने कहा, 'हालिया विधान परिषद के चुनाव में एक अजीबोगरीब नाम 'राम ने शर्मा को मारा' भी दर्ज है। कंप्यूटर/सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं होता। हमारी ओर से हुई गलती को स्वीकार करते हुए हम यह भी कहते हैं कि जाति का भेदभाव नहीं हुआ है।'
मतगणना की प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को हुआ था, जिसमें 55 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। मतगणना लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि इन जिलों में मतगणना के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। निर्वाचन अधिकारियों के निर्देशन में और प्रेक्षकों की निगरानी में मतों की गिनती की जा रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग ने इन गड़बड़ियों को स्वीकार किया है, लेकिन इसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी आई हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की तरफ से ऐसे बयान देना अनुचित है। वहीं, कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रश्न उठाते हुए कहा कि सीईओ के ट्विटर हैंडल से की गई टिप्पणियाँ यह दर्शाती हैं कि इसकी संचालन शैली क्या है।





