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राज्यसभा चुनाव के बाद संभावित कैबिनेट फेरबदल, चार नए मंत्रियों की एंट्री संभव

भाजपा ने नए नामों की घोषणा की, पूर्व मंत्रियों की नई भूमिकाओं पर चर्चा जारी

राज्यसभा चुनाव के बाद संभावित कैबिनेट फेरबदल, चार नए मंत्रियों की एंट्री संभव
फोटो: Cabinet Reshuffle Likely After Rajya Sabha Elections, Four New Ministers Expected

राज्यसभा चुनाव की तैयारी और नए नामों की घोषणा

राज्यसभा चुनाव 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को आठ नए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की, जिसमें सबसे ज्यादा चर्चा केंद्रीय मंत्रियों बीएल वर्मा और हरदीप सिंह पुरी को टिकट नहीं दिए जाने की हो रही है। भाजपा ने इन नेताओं की नई भूमिकाओं के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, और इस समय कैबिनेट फेरबदल की अटकलें भी जोर पकड़ रही हैं।


संविधान के अनुच्छेद 75(5) के अनुसार, यदि कोई मंत्री लगातार छह महीने तक किसी सदन का सदस्य नहीं रहता है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना होता है। अब नवंबर में वर्मा और पुरी दोनों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मंत्री परिषद में नए चेहरों की एंट्री की संभावनाएं बढ़ गई हैं।


चार नए मंत्रियों की संभावित एंट्री

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की टीम में चार नए मंत्रियों की एंट्री हो सकती है। यह स्थिति इसलिए उत्पन्न हुई है क्योंकि पूर्व मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा, रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन राज्यसभा के लिए फिर से नामित नहीं हुए हैं।


रवनीत सिंह बिट्टू रेल राज्य मंत्री रह चुके हैं और उन्होंने जुलाई में अपने पद से इस्तीफा दिया था। उनके राज्यसभा कार्यकाल का समापन जून में हुआ था, जिसके बाद उन्हें पार्टी द्वारा उच्च सदन के लिए फिर से नामित नहीं किया गया। चर्चा है कि बिट्टू अब आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


जॉर्ज कुरियन और अन्य पूर्व मंत्रियों की स्थिति

जून में जॉर्ज कुरियन ने भी राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्रिपद से इस्तीफा दिया था। कुरियन भाजपा के प्रमुख नेताओं में से एक थे और अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। वह सरकार में एकमात्र ईसाई मंत्री थे और पार्टी के लिए कई महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रह चुके हैं।


कहा जा रहा है कि कुरियन को भाजपा संगठन में नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


नई सूची के साथ टिकटों में बदलाव

सोमवार को जारी की गई सूची में हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा का नाम नहीं होने से यह स्पष्ट होता है कि पार्टी ने नए चेहरों पर ध्यान केंद्रित किया है। भाजपा ने इस बार पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह, इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा, भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल, पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर तथा अन्य का चयन किया है।


इस सूची में ओबीसी वर्ग से तीन, दलित वर्ग से दो, ब्राह्मणों से दो और एक ठाकुर चेहरे को चयनित किया गया है। राधाकांत ओझा, जो सपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं, प्रतापगढ़ के शिवाकांत ओझा के छोटे भाई हैं।


पिछले फेरबदल और संगठन में बदलाव

इससे पहले, जुलाई में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया था और उनकी जगह प्रल्हाद जोशी को मंत्री बनाया गया था। हाल ही में भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम का विस्तार भी किया गया है, जिससे अटकलें बढ़ गई हैं कि सरकार के कई प्रमुख नाम संगठन में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा सकते हैं।


भाजपा ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भी संगठन में जिम्मेदारी दी है, जबकि वह अभी भी मंत्री पद पर हैं।