भाजपा सांसद की चिंता
वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की कथित घुसपैठ को लेकर भाजपा सांसद तापिर गाव ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों की चेतावनियों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। यह बयान ऊपरी सुबनसिरी जिले के तक्सिंग क्षेत्र में हाल में हुई घटनाओं के संदर्भ में आया है।
गाव ने यह भी बताया कि उनकी चिंताएं स्थानीय लोगों की बढ़ती चिंताओं को दर्शाती हैं, जो चीनी गतिविधियों की उपस्थिति को लेकर प्रभावित हैं।
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह चीन से जुड़े सीमावर्ती मामलों को अत्यधिक गंभीरता से लेता है। मंत्रालय ने एलएसी पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। भारतीय सेना ने इन घुसपैठ की खबरों को सख्त शब्दों में खारिज करते हुए कहा कि ऐसे किसी भी दावे में कोई सत्यता नहीं है।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह स्थानीय निवासियों और रक्षा बलों के बीच संवाद स्थापित करेंगे।
सांसद का बयान
भाजपा सांसद तापिर गाव ने कहा कि उन्होंने 2019 में संसद में चीन की घुसपैठ का मुद्दा उठाया था, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने कहा, 'मुझे कहा गया था कि ऐसी चिंताओं से भारतीय सेना का मनोबल गिर सकता है।' गाव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है, इसकी संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।'
उन्होंने आगे कहा कि भारत शांति, संवाद और मित्रता का पक्षधर है, लेकिन इसकी क्षेत्रीय अखंडता पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
घुसपैठ के दावे और सेना की प्रतिक्रिया
तक्सिंग में घुसपैठ के आरोप तब उठे जब नाह वेलफेयर सोसाइटी (एनडब्ल्यूएस) ने सीमा के निकट चीनी सेना की गतिविधियों और अतिक्रमण के बारे में एक बयान जारी किया। भारतीय सेना ने इन आरोपों को गलत और निराधार बताते हुए पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
सेना ने स्पष्ट किया कि चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ या अरुणाचल प्रदेश के अंदर शिविर स्थापित करने की कोई रिपोर्ट सत्य नहीं है।





