पेपर लीक मामले में नया मोड़
भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने गुरुवार, 27 अगस्त को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और शरद पवार परिवार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि वे महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक मामले के आरोपी सुनील गढ़वे के साथ क्या संबंध रखते हैं। महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बान ने पार्टी के राज्य कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस संबंध में तस्वीरें पेश कीं जिसमें गढ़वे के साथ राकांपा के नेता रोहित पवार और शरद पवार नजर आ रहे थे।
प्रवक्ता बान ने कहा कि पुलिस ने इस पेपर लीक मामले में अब तक कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है और उनकी पूछताछ जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोहित पवार एवं पवार परिवार के अन्य सदस्यों ने भाजपा, विधायक अभिमन्यु पवार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पुणे के महापौर पर लगातार आरोप लगाते हुए इस मुद्दे को उठाया है।
रोहित पवार और गढ़वे का करीबी संबंध
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि गढ़वे और रोहित पवार के संबंधों की गहराई से पता चलता है कि वे पुणे में MPSC उम्मीदवारों के आंदोलन सहित विभिन्न मामलों में साथ मिलकर काम कर चुके हैं। बान का कहना था कि गढ़वे पुणे में रोहित पवार की कई गतिविधियों को संगठित करते हैं। इस संबंध में प्रस्तुत की गई तस्वीरों में गढ़वे को शरद पवार के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में देखा गया है, जिससे राकांपा और पवार परिवार की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने आगे मांग की कि शरद पवार और रोहित पवार को सार्वजनिक रूप से गढ़वे के साथ अपने संबंधों की व्याख्या करनी चाहिए। इससे पहले, राकांपा के यूथ स्टेट प्रेसिडेंट महबूब शेख ने गढ़वे की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ तस्वीर साझा कर यह आरोप लगाया था कि उसकी मुख्यमंत्री तक पहुंच है, जिससे उनकी संलिप्तता का संकेत मिलता है।
NCP पर उठे सवाल
हालांकि, अब यह मामला न केवल भाजपा के आरोपों तक सीमित रह गया है, बल्कि राकांपा पर भी सवाल उठने लगे हैं। भाजपा ने अब पवार परिवार को इस मामले में घेरने का प्रयास किया है और इस मामले में नया मोड़ आ गया है। यह स्पष्ट हो गया है कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला आगे और बड़ा रूप ले सकता है।





