रुहुल्ला की रैली का संदर्भ
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने मंगलवार, 3 नवंबर को कहा कि जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के लोकसभा सदस्य आगा रुहुल्ला 'हमारे लोगों' के आशीर्वाद से रैली का आयोजन कर रहे हैं। माधव ने यह भी उल्लेख किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट बंटवारा दिखाई दे रहा है, जबकि उन्होंने भाजपा का इस मामले में कोई सीधा संबंध ना होने की बात स्पष्ट की।
श्रीनगर से सांसद रुहुल्ला ने अपने पिता आगा सैयद मेहदी की 26वीं पुण्यतिथि के अवसर पर बडगाम में आयोजित एक रैली में नेशनल कॉन्फ्रेंस और अपनी लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफे की घोषणा की। आगा सैयद की हत्या वर्ष 2000 में कर दी गई थी। माधव ने जम्मू में संवाददाताओं से कहा, 'मैं इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा, लेकिन आज नेशनल कॉन्फ्रेंस स्पष्ट रूप से बंटी हुई नजर आ रही है।'
बैठक और असंतोष का वातावरण
राम माधव ने मंगलवार को जम्मू का दौरा किया, जहां उन्होंने त्रिकुटा नगर स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बंद कमरे में बैठक की। उनका यह दौरा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा हाल ही में किए गए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायकों के बीच बढ़ते असंतोष के माहौल के बीच हो रहा है।
माधव ने यह स्पष्ट किया कि भाजपा का नेशनल कॉन्फ्रेंस के अंदरूनी मामलों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमारे विधायक जो भी बयान देते हैं, वह एक अलग बात है। यह पूरी तरह से नेशनल कॉन्फ्रेंस का अपना आंतरिक मामला है और उनके नेता आपस में ही लड़ रहे हैं।'
भविष्य की राजनीतिक संभावनाएँ
भाजपा के कई विधायक और वरिष्ठ नेता यह दावा कर रहे हैं कि नेशनल कॉन्फ्रेंस में फूट पड़ने के कारण उमर अब्दुल्ला की सरकार गिर सकती है। इस संदर्भ में माधव ने कहा, 'आज एक सांसद सामने आए हैं और रैली कर रहे हैं... यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। इससे हमारा क्या लेना-देना?'
भविष्य में संभावित राजनीतिक घटनाक्रमों के बारे में पूछे जाने पर भाजपा नेता ने कोई भी कयास लगाने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, 'हां, जब आप किसी पुल पर पहुंचते हैं, तभी उसे पार करते हैं।' इस राजनीतिक उथल-पुथल को बंगाल से जोड़ा जा रहा है, और इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि कहीं जम्मू-कश्मीर में भी भाजपा कोई बड़ा खेला तो नहीं करने जा रही।
नेशनल कॉन्फ्रेंस में बढ़ता असंतोष
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 90 सदस्यों में से नेशनल कॉन्फ्रेंस के 41 विधायक हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से 25 विधायक नाराज हैं, और उनके टूटने की संभावनाएं भी व्यक्त की जा रही हैं। इस राजनीतिक स्थितियों ने क्षेत्र के राजनीतिक परिदृश्य में नई हलचल पैदा कर दी है।





