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राष्ट्रीय • दिल्ली

भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया वोट चोरी का आरोप, नेहरू का नाम घसीटा

भाजपा ने नेहरू के समय में वोट चोरी का आरोप लगाया, विपक्ष पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया वोट चोरी का आरोप, नेहरू का नाम घसीटा
फोटो: BJP Accuses Congress of Vote Theft, Drags Nehru's Name

भाजपा का तीखा आरोप

भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष द्वारा आयोजित मॉक पार्लियामेंट पर निशाना साधते हुए कहा है कि 'वोट चोरी में सच्चाई है, और यह पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू द्वारा की गई थी।' भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर यह बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए पंडित नेहरू ने वोट चोरी की।


पात्रा ने यह भी बताया कि सरदार पटेल के पक्ष में वोट पड़े थे, लेकिन नेहरू ने वोटों में धांधली कर प्रधानमंत्री का पद हासिल किया। उन्होंने कहा, 'आज 31 अक्टूबर है, सरदार पटेल की जयंती है। पहली बार हिंदुस्तान में वोट चोरी हुई, वह पंडित नेहरू द्वारा हुई।'


नेहरू और पटेल के बीच का विवाद

भाजपा प्रवक्ता ने यह आरोप लगाया कि सरदार पटेल को प्रधानमंत्री पद से दूर रखा गया और उन पर अपमान किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पटेल के पक्ष में सहमति दी थी, लेकिन अंततः नेहरू को प्रधानमंत्री बनाया गया।


उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता जिस घटनाक्रम का उल्लेख कर रहे हैं, वह 1946 में कांग्रस अध्यक्ष चुनाव के दौरान हुआ था। उस समय कुल 15 प्रांतीय समितियों के अध्यक्षों में से 12 ने पटेल का समर्थन किया था।


मॉक पार्लियामेंट पर तीखी प्रतिक्रिया

संबित पात्रा ने विपक्ष के मॉक पार्लियामेंट पर भी तंज कसा, कहा कि असली संसद में ये लोग सोते रहते हैं और हंगामा करते हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर भी कटाक्ष किया, यह कहते हुए कि वह अक्सर लोकसभा से गायब रहते हैं।


पात्रा ने विपक्ष के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि 13 करोड़ लोगों के नाम काट दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता, तो लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे होते।


एसआईआर प्रक्रिया पर भाजपा का बचाव

संबित पात्रा ने यह स्पष्ट किया कि यह पहली बार नहीं है जब देश में एसआईआर प्रक्रिया हुई है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के शासन में भी 10 बार यही प्रक्रिया अपनाई गई थी, लेकिन उस पर कभी कोई सवाल नहीं उठाया गया।


इस प्रकार भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों का मुंहतोड़ जवाब देते हुए अपने ऐतिहासिक संदर्भों के माध्यम से अपने विचार रखे।