BJD सांसद सस्मित पात्रा
ANI से बातचीत में BJD सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि निशिकांत दुबे द्वारा 27 मार्च को बीजू पटनायक को लेकर दिए गए बयान दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय हैं। दुबे ने पटनायक को जवाहरलाल नेहरू, अमेरिका और CIA से जोड़ते हुए कई ऐतिहासिक घटनाओं में उनकी भूमिका पर सवाल उठाया था। पात्रा ने इन आरोपों को पूरी तरह अस्वीकार किया और स्पष्ट किया कि बीजू पटनायक का योगदान देश के लिए अतुलनीय और सम्मानजनक है।
इतिहास के अहम पलों में पटनायक का योगदान
पात्रा ने बताया कि बीजू पटनायक ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान रूसियों की मदद की थी और 1947 में कश्मीर संघर्ष के दौरान अपने विमान से भारतीय सैनिकों को भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। देश की आज़ादी और रक्षा के संघर्ष में उनके योगदान को देखते हुए, उन्होंने कहा कि बीजू पटनायक विवाद में उठाए गए बयानों को पूरी तरह निंदनीय माना जाना चाहिए।
समिति में काम जारी नहीं रख सकते
बीजू पटनायक के खिलाफ विवादित टिप्पणियों के बाद सस्मित पात्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अब संचार और IT समिति के सदस्य के रूप में काम जारी नहीं रख सकते। उन्होंने कहा, मैं उस समिति का हिस्सा नहीं रह सकता जहां अध्यक्ष बीजू बाबू के बारे में इस तरह के कमेंट्स करते हों। इसलिए मैंने समिति से इस्तीफा दे दिया है।
निशिकांत दुबे के दावे
इस विवाद की शुरुआत निशिकांत दुबे के 27 मार्च के बयानों से हुई थी। उन्होंने दावा किया कि 1962 के भारत-चीन युद्ध से पहले और बाद के समय में तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू के अमेरिका और CIA के साथ गहरे संबंध थे। दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि बीजू पटनायक को रक्षा से जुड़ी संवेदनशील जिम्मेदारियां दी गई थीं और वह अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में थे। अपने दावों को साबित करने के लिए उन्होंने नेहरू के कथित पत्रों का भी हवाला दिया।
सस्मित पात्रा की प्रतिक्रिया और इस्तीफा राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बन गया है। उनके अनुसार, देश की प्रतिष्ठित हस्तियों के खिलाफ अनाप-शनाप बयानबाजी न सिर्फ अस्वीकार्य है बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए भी चिंता का विषय है।
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