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जम्मू में फारूक अब्दुल्ला पर हमला, सुरक्षा पर सवाल

जम्मू के शादी समारोह में पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला पर हमला, आरोपी गिरफ्तार, सुरक्षा व्यवस्था में चूक पर सवाल उठे। ये घटना जम्मू ग्रेटर कैलाश में हुई।

जम्मू में फारूक अब्दुल्ला पर हमला, सुरक्षा पर सवाल
फोटो: Farooq Abdullah firing incident Jammu, Jammu Greater Kailash incident
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला बुधवार, 11 मार्च को एक शादी समारोह के दौरान जानलेवा हमले का शिकार होने से बाल-बाल बचे। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके के रॉयल पार्क में हुई, जब एक व्यक्ति ने पिस्तौल लेकर सीधे उनके पास आकर गोली चलाने की कोशिश की। भाग्यशाली रूप से, सुरक्षा कर्मियों की तत्परता के कारण हमला नाकाम रहा और किसी को चोट नहीं आई। 

फारूक अब्दुल्ला पर हमला, CM का बयान

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला ने फारूक अब्दुल्ला पर हमले को हत्या का प्रयास करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री को ज़ेड+ सुरक्षा दी गई थी, फिर भी हमलावर उनके इतने करीब कैसे पहुँच गया। उमर ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनके पिता पूरी तरह सुरक्षित हैं और इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुरक्षा में चूक और जांच

मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने पुष्टि की कि फारूक अब्दुल्ला पर हमला में कोई भी घायल नहीं हुआ। आरोपी को मौके से हिरासत में ले लिया गया है। प्रारंभिक जांच जारी है और अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमलावर ने यह हमला क्यों किया। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं।

उपमुख्यमंत्री सुरिंद और जम्मू जोन के IGP ने भी घटनास्थल का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की पड़ताल शुरू की। पुलिस ने बताया कि पूरी जांच के बाद ही हमले के पीछे की साजिश और मकसद का पता चल सकेगा। 

आरोपी की पहचान

पुलिस ने हमलावर की पहचान कमल सिंह के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का रहने वाला है। उसके पास से पिस्तौल बरामद कर ली गई है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या हमले के पीछे कोई व्यक्तिगत कारण था या कोई और मंशा।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और चिंता 

बीजेपी नेता रविंदर रैना ने इसे गंभीर मामला बताया और कहा कि सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं। वहीं कांग्रेस नेता तारिक हमीद कर्रा ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

हालांकि यह हमला नाकाम रहा, फिर भी जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फारूक अब्दुल्ला सुरक्षित हैं, और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह घटना राज्य में राजनीतिक और सुरक्षा जगत के लिए चेतावनी की तरह है कि किसी भी समय किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा में खामियों से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

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