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परंदूर हवाई अड्डा परियोजना रद्द करने पर अन्नामलाई का तीखा हमला

तमिलनाडु में परंदूर हवाई अड्डा परियोजना रद्द करने के फैसले पर के. अन्नामलाई ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि नई जगह पर परियोजना शुरू करने से चेन्नई के दूसरे हवाई अड्डे का निर्माण 10 साल की देरी का शिकार हो सकता है।

परंदूर हवाई अड्डा परियोजना रद्द करने पर अन्नामलाई का तीखा हमला
फोटो: परंदूर हवाई अड्डा परियोजना रद्द करने पर अन्नामलाई का तीखा हमला

परंदूर हवाई अड्डा परियोजना पर सियासी तकरार

तमिलनाडु में परंदूर हवाई अड्डा परियोजना को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार के इस निर्णय पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसमें उन्होंने प्रस्तावित परियोजना को रद्द कर दिया। पूर्व बीजेपी नेता के. अन्नामलाई ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।


अन्नामलाई ने चेतावनी दी है कि यदि किसी अन्य स्थान पर नई परियोजना शुरू की जाती है, तो यह चेन्नई के दूसरे हवाई अड्डे के निर्माण में कम से कम 10 साल की देरी का कारण बन सकती है। उनका कहना है कि भले ही राज्य सरकार प्रशासनिक निर्णय लेकर निर्माण कार्य की दिशा में आगे बढ़े, लेकिन प्रक्रिया में समय लगेगा।


निर्माण प्रक्रिया में अपेक्षित समय

अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि नए हवाई अड्डे के निर्माण के लिए कई चरणों से गुजरना होगा, जैसे कि स्थल की पहचान, केंद्र सरकार और वैधानिक निकायों से अनुमोदन, निविदा प्रक्रिया, भूमि अधिग्रहण और आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करना। इन सभी प्रक्रियाओं में कम से कम 10 साल लग सकते हैं।


उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह तुरंत वैकल्पिक स्थान की पहचान करे। अन्नामलाई ने चेन्नई हवाई अड्डे की मौजूदा स्थिति और बुनियादी ढांचे की कमी की ओर भी ध्यान दिलाया, यह बताते हुए कि चेन्नई अब दक्षिण भारत का प्रवेश द्वार नहीं रह गया है।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

अन्नामलाई ने चेतावनी दी है कि दूसरे हवाई अड्डे के निर्माण में होने वाली देरी से तमिलनाडु को गंभीर नुकसान होगा, जबकि अन्य राज्य तेजी से अपने विमानन बुनियादी ढांचे का विकास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि परियोजना के लिए पहले से अधिग्रहित लगभग 1,700 एकड़ भूमि का राज्य सरकार अब क्या करेगी।


इस बीच, डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे तमिलनाडु के विकास के लिए 'अपरिवर्तनीय झटका' करार दिया। स्टालिन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि परंदूर परियोजना को रद्द करना बदलाव नहीं है, बल्कि यह राज्य के विकास के लिए एक गंभीर संकट है।