कांग्रेस क्यों थी नाराज?
कांग्रेस और कुछ अन्य दलों का मानना था कि मनमोहन सिंह का स्मारक उसी स्थान पर बनाया जाना चाहिए, जहां उनका अंतिम संस्कार होगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इसे लेकर सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो यह देश के पहले सिख प्रधानमंत्री का अपमान होगा।
अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस का समर्थन करते हुए कहा था कि सरकार का रुख हैरान करने वाला है।
हालांकि, केंद्र सरकार ने इस मामले पर राजनीति करने से बचने का आग्रह करते हुए कहा था कि स्मारक के लिए उपयुक्त स्थान खोजा जाएगा। अब सरकार द्वारा स्मारक निर्माण की घोषणा के बाद यह विवाद शांत होता नजर आ रहा है। मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार दिल्ली के निगम बोध घाट पर सुबह 11:45 बजे पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
दुनिया ने मनमोहन सिंह को दी श्रद्धांजलि
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ नेता मौके पर मौजूद रहेंगे। इससे पहले सभी नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मनमोहन सिंह को न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी श्रद्धांजलि दी जा रही है। विश्व के कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें याद किया और उनके योगदान की सराहना की। किसी ने उन्हें एक महान अर्थशास्त्री कहा तो किसी ने अपना प्रिय मित्र बताया। मनमोहन सिंह के आर्थिक सुधारों और विनम्र नेतृत्व को लेकर दुनिया भर में उनकी सराहना हो रही है।





