अमित शाह ने कहा कि जब देश को सीमा पर संकट का सामना करना पड़ा, तो सबसे पहले लद्दाख के लोग सामने आए और अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सुरक्षा में योगदान दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस भूमिका की सारा देश सराहना करता है और लद्दाख के लोगों का हार्दिक आभार व्यक्त करता है।
Amit Shah ने लद्दाखवासियों की सराहना की
Ladakh people bravery praised: सभा में अमित शाह ने भारत स्काउट्स का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्काउट्स का इतिहास पूरे देश में जाना जाता है और यह देशभक्ति की भावना को आगे बढ़ाने में मदद करता है। शाह ने स्पष्ट किया कि यह सीमावर्ती क्षेत्र न केवल भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके निवासियों की प्रतिबद्धता और देशभक्ति इसे भारत के साथ मजबूती से जोड़ती है, और इस बात पर Amit Shah ने लद्दाखवासियों की बहादुरी और देशभक्ति की सराहना की।
दूध प्रसंस्करण संयंत्र का शिलान्यास
Ladakh people bravery praised: अमित शाह ने कारगिल में एक डेयरी और दूध प्रसंस्करण संयंत्र की आधारशिला रखी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रतिदिन 10,000 लीटर दूध संसाधित करने में सक्षम होगी। यह परियोजना सहकारी मॉडल पर आधारित है और स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देगी, और इस अवसर पर अमित शाह ने लद्दाखवासियों की बहादुरी और देशभक्ति की सराहना की।
शाह ने कहा कि इस परियोजना से विशेष रूप से महिलाओं को नए अवसर मिलेंगे, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। उन्होंने स्थानीय समुदाय से अपील की कि वे इस 75 वर्षों में मिले दुर्लभ अवसर का लाभ उठाएं।
महिलाओं की सशक्तिकरण
Amit Shah Ladakh statement: केंद्रीय गृह मंत्री ने कारगिल की महिलाओं को विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि डेयरी और प्रसंस्करण संयंत्र उनके जीवन में नए अवसर लाएगा, उनके परिवारों का पालन-पोषण आसान होगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के निर्देशों के तहत यह पहल स्थानीय आजीविका और विकास को मजबूत करने के लिए चलाई जा रही है।
बौद्ध संस्कृति और करुणा की भूमि
Border residents sacrifice India: अमित शाह ने लेह में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित पवित्र अवशेष प्रदर्शनी और सांस्कृतिक समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लद्दाख केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह बौद्ध संस्कृति और करुणा की जीवंत प्रयोगशाला है।
शाह ने बताया कि दलाई लामा इस भूमि का दौरा करते हुए भी इसे सिर्फ भौगोलिक भूमि नहीं मानते। उन्होंने कहा कि यहाँ ज्ञान संरक्षित है और भारत की सभ्यता हजारों वर्षों से शांति और सहिष्णुता का संदेश देती आ रही है।
केंद्रीय योजनाओं के प्रभाव
Amit Shah ने लद्दाख में प्रधानमंत्री मोदी की पहल, जैसे कि सहकारी मॉडल और पशुपालन क्षेत्र में नई योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएँ न केवल स्थानीय रोजगार सृजित करेंगी बल्कि महिलाओं और युवा वर्ग को सशक्त बनाने में भी सहायक होंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के माध्यम से, यह क्षेत्र धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए भी प्रमुख स्थल बन रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की यह यात्रा लेह, लद्दाख और कारगिल में सीमावर्ती सुरक्षा, स्थानीय विकास और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ जोड़ने वाली रही। उन्होंने देशभक्ति, सीमाओं की सुरक्षा और स्थानीय विकास को एक सूत्र में पिरोते हुए स्थानीय लोगों और महिलाओं की भूमिका की सराहना की। डेयरी और दूध प्रसंस्करण संयंत्र जैसी परियोजनाएँ क्षेत्र में आजीविका और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देंगी।
अमित शाह की यह यात्रा और उनकी बातें लद्दाख को देश के प्रति प्रतिबद्ध और आत्मनिर्भर क्षेत्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।
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