नए चेहरे के रूप में उभरे अजिंक्य शिंदे
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन में 35 वर्षीय अजिंक्य शिंदे का नाम चर्चा में आया है। यह तब हुआ जब पार्टी के तीन प्रमुख नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया गया। शिंदे को अब CJP के आंदोलन के अगले चरण का नेतृत्व करने का कार्यभार सौंपा गया है। उल्लेखनीय है कि वे भी अभिजीत दीपके के समान आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े रहे हैं।
धाराशिव जिले के कंप्यूटर इंजीनियरिंग स्नातक, शिंदे ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में काम करना शुरू किया। वर्तमान में वे महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग में निवास कर रहे हैं। उनके परिचितों का कहना है कि 'आप' के समय से ही उनका अभिजीत दीपके के साथ गहरा राजनीतिक संबंध रहा है। दोनों ही मराठवाड़ा के पड़ोसी जिलों से आते हैं।
आम आदमी पार्टी में सक्रियता
अजिंक्य शिंदे ने आम आदमी पार्टी के समर्थन में सोशल मीडिया पर कई पोस्ट की हैं। 2024 के एक पोस्ट में उन्हें पार्टी की युवा शाखा का महाराष्ट्र संयोजक बताया गया है। उनके एक सहयोगी ने जानकारी दी कि शिंदे ने पूर्णकालिक वॉलंटियर बनने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय आईटी फर्म की नौकरी छोड़ दी थी। 2016 में, वे 'आप' के विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान लगभग एक वर्ष तक गोवा में सक्रिय रहे।
उनके बड़े भाई, अमर, एक MBBS डॉक्टर हैं। अजिंक्य शिंदे ने कम उम्र में अपने पिता को खो दिया और उसके बाद अपनी मां तुलजा और बड़े भाई के साथ लातूर चले गए। उन्होंने लातूर में अपनी स्कूली और कॉलेज की शिक्षा प्राप्त की और फिर कोंकण क्षेत्र में कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
विरोध प्रदर्शन की रणनीति
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया, जब वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए बेंगलुरु से दिल्ली पहुंचे थे। हालांकि, दीपके ने हिरासत में लेने के तुरंत बाद एक वीडियो संदेश जारी कर शिंदे को दिल्ली में पार्टी के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी।
सूत्रों के अनुसार, अजिंक्य शिंदे तीन दिन पहले से ही एक सोची-समझी रणनीति के तहत दिल्ली पहुँच चुके थे ताकि वे पुलिस की नजर से बच सकें और आवश्यकता पड़ने पर प्रदर्शन का नेतृत्व कर सकें। लातूर पुलिस रिकॉर्ड से पता चलता है कि 2020 में शिंदे के खिलाफ निषेधाज्ञा के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था।





