भाजपा की रैली पर सवाल उठाते हुए
अभिजीत दीपके और उनकी टीम ने भारतीय जनता पार्टी की नई रैली को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस से यह भी पूछा है कि क्या उन्हें इस रैली के लिए अनुमति मिलेगी। दिल्ली पुलिस की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। बुधवार को भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ मिलकर दिल्ली में एक पदयात्रा का आयोजन किया था।
दिल्ली सहित कई अन्य राज्यों में भाजपा ने बुधवार को 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैली का आयोजन किया, जिसमें चांदनी चौक भी शामिल था। इस रैली में भाजपा के कई शीर्ष नेता और मंत्री शामिल हुए थे। इस पर सीजेपी ने तीखा सवाल उठाया और पूछा कि क्या इस स्थान पर उन्हें रैली आयोजित करने की अनुमति मिलेगी।
सीजेपी की प्रतिक्रिया
सीजेपी के नेता आशुतोष रांका ने कहा, 'क्या कॉकरोच जनता पार्टी को भी इस जगह पर लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा निकालने की अनुमति मिलेगी? या फिर हमें भी बॉंड साइन करवाना पड़ेगा?' उन्होंने एक वीडियो का हवाला दिया, जिसमें भाजपा के नेता चांदनी चौक पर रैली में शामिल हुए थे। यह रैली जैन लाल मंदिर से टाउन हॉल चौक तक निकाली गई थी।
उन्होंने व्यापारियों के मुद्दे पर भी सवाल उठाते हुए लिखा, 'भाजपा ने 10 दिन पहले ही अनुमति लेकर तीन निर्धारित स्थलों में से केवल एक पर प्रदर्शन किया है। क्या दिल्ली के सभी व्यापारी इस स्थिति से खुश हैं?'
विपक्ष की रैली को समर्थन
अभिजीत दीपके ने यह भी कहा, 'क्या यह निर्धारित प्रदर्शन स्थल है? त्योहारों के समय व्यापार पर पड़ने वाले असर की चिंता का क्या?' उल्लेखनीय है कि सीजेपी ने 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली विपक्ष की रैली को समर्थन देने की घोषणा की है।
सीजेपी के नेता सौरभ दास ने कहा, 'हम इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर की विरोध रैली का समर्थन करते हैं। न्याय और जवाबदेही बनी रहनी चाहिए!' उनका यह भी कहना है कि इस मुद्दे पर संघर्ष कर रहे हर संगठन को समर्थन दिया जाएगा।
व्यापारियों की चिंताएं
एक नवंबर को कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष दिल्ली में एक विशाल रैली की योजना बना रहा है, जिसमें 10 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। व्यापारी वर्ग इस रैली के संभावित असर के मद्देनजर लोकसभा सांसद राहुल गांधी से मिलने का प्रयास कर रहा है और इस संबंध में दो बार पत्र सौंपा जा चुका है।
व्यापारियों का कहना है कि त्योहार से पहले 10 लाख लोगों की रैली से 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। इस मुद्दे पर उन्होंने प्रभावित बाजारों की सूची भी प्रस्तुत की है, जिसमें चांदनी चौक का नाम भी शामिल है।
भाजपा की रैली का उद्देश्य
भाजपा उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैली का आयोजन कर रही है। इसी क्रम में 2 नवंबर को तेलंगाना में एक रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल होने जा रहे हैं। भाजपा इस रैली के माध्यम से कांग्रेस पर अराजकता फैलाने के आरोप लगा रही है।





