सीजेपी की 'स्कूल ठीक करो' मुहिम
नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली में आंदोलन चलाकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफे के लिए मजबूर करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) इस समय 'स्कूल ठीक करो' मुहिम की दिशा में कार्य कर रही है। खासकर भाजपा शासित राज्यों, विशेषकर महाराष्ट्र और राजस्थान में, राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका ने मोर्चा संभाला है।
हाल ही में राजस्थान सरकार के एक निर्णय पर अभिजीत दीपके ने रांका और उनकी टीम को सराहा, इसे सीजेपी की मुहिम का प्रभाव बताया। लेकिन लाइव हिन्दुस्तान की जांच में सामने आया कि यह निर्णय पिछले महीने ही लिया गया था, जब सीजेपी ने अपनी मुहिम की घोषणा नहीं की थी।
राजस्थान सरकार का आधिकारिक निर्णय
राजस्थान के शिक्षा विभाग के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर चार दिन पहले एक सूचना जारी की गई, जिसमें बताया गया कि 'समग्र शिक्षा अभियान' के तहत प्रदेश के 300 से अधिक जर्जर विद्यालय भवनों का नया निर्माण किया जाएगा। इनमें हवादार कक्षा कक्ष, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जयपुर जिले में भी 10 विद्यालय भवनों का नव निर्माण किया जाएगा।
दीपके ने इसे आशुतोष रांका और उनकी टीम की सफलता माना, जो सरकारी स्कूलों की स्थिति को उजागर कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के विज्ञापन की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'राजस्थान में सीजेपी का असर।' सह संयोजक आशुतोष रांका को टैग करते हुए दीपके ने कहा, 'शाबाश आशु और टीम।'
रांका की प्रतिक्रिया और सरकार का पुराना निर्णय
रांका दीपके की सराहना से उत्साहित होकर बोले कि यह तो बस शुरुआत है। उन्होंने कहा, 'कॉकरोच ने बस शुरुआत की है। पूरे राजस्थान में 84000 जीर्ण-शीर्ण कक्षाएं हैं। राजस्थान सरकार को यह बताने की आवश्यकता है कि कब तक इन्हें ठीक किया जाएगा। तब तक हम रुकने वाले नहीं हैं।'
असल में, जिस फैसले के लिए दीपके ने रांका और उनकी टीम को श्रेय दिया, वह जुलाई की शुरुआत में लिया गया था। उस समय सीजेपी 'स्कूल ठीक करो' मुहिम की घोषणा नहीं कर पाई थी। 10 जुलाई को राजस्थान सरकार ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया था कि जर्जर विद्यालय भवनों के स्थान पर नए भवनों का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए 450 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
राजस्थान सरकार की ओर से स्पष्टता
राजस्थान सरकार ने अपने निर्णय के संदर्भ में कहा कि 'प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए स्कूल शिक्षा विभाग पूरी तरह से संवेदनशील है। विद्यार्थियों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मजबूत आधारभूत संरचना, ये राज्य सरकार के प्रमुख लक्ष्य हैं।'
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग ने जर्जर विद्यालय भवनों के स्थान पर नए भवनों के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। इस अभियान की प्रगति की समीक्षा एसीएस राजेश यादव द्वारा रोज की जा रही है।
अधिक जानकारी के लिए
राजस्थान सरकार की ओर से 10 जुलाई को जारी प्रेस रिलीज की जानकारी के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं।





