सीजेपी का प्रदर्शन और नीट पेपर लीक मामला
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने गठन के बाद पहले नीट पेपर लीक मामले में और फिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है। इस मामले में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा है, और अब ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है। मुंबई, दिल्ली सहित विभिन्न शहरों में सीजेपी और विपक्ष के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी हिरासत से रिहा हो चुके हैं और अब वे आगे की रणनीति बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इस बीच, मोदी सरकार के एक मंत्री ने दीपके को एक बड़ा ऑफर दिया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने दीपके को 2029 के चुनावों में अपनी पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है।
अठावले का प्रस्ताव और पार्टी की मजबूती
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, '2029 के लोकसभा चुनावों में कोई बदलाव नहीं होने जा रहा है। मोदी हमारे कप्तान हैं और मैं उनका खिलाड़ी हूं। पीएम मोदी का बेड़ा मजबूत है और वह राहुल गांधी का विकेट लेंगे।' अठावले ने दीपके से आग्रह किया कि यदि वे अंबेडकरवादी हैं, तो उन्हें युवाओं को अपनी पार्टी से जोड़ने के लिए रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) में शामिल हो जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि दीपके को पार्टी में शामिल होने पर विचार करना चाहिए, क्योंकि वे बाबासाहेब अंबेडकर के विचारों से पार्टी को मजबूत कर सकते हैं।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की संभावना
इस महीने की शुरुआत में, अठावले ने दीपके को चेतावनी दी थी कि यदि वे पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग जारी रखते हैं, तो उनकी पार्टी आंदोलन करेगी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सीजेपी के प्रदर्शनों के बावजूद ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे। अठावले ने कहा, 'दीपके महाराष्ट्र से हैं और दलित समाज से आते हैं। हाल ही में मुंबई में भी विरोध प्रदर्शन हुआ था, लेकिन मेरी सलाह है कि नीट पेपर लीक मामले में आपकी पार्टी पहले से ही खड़ी हुई थी, इसलिए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए दोबारा आंदोलन करने की आवश्यकता नहीं है।'
रामदास अठावले का राजनीतिक सफर
रामदास अठावले, जो महाराष्ट्र से आते हैं, वर्तमान में मोदी सरकार में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री हैं। वे रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) के अध्यक्ष भी हैं और 2016 से इस मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा, वे 2014 से राज्यसभा में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
अठावले का राजनीतिक अनुभव 1999 से 2009 तक पंढरपुर और 1998 से 1999 तक मुंबई उत्तर मध्य लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहने का भी है। 90 के दशक में वे महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और अपने चुटीले अंदाज और शायरी के लिए जाने जाते हैं।





