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अभिजीत दीपके को NDA में शामिल होने का न्योता, मंत्री का ऑफर!

अभिजीत दीपके NDA: दीपके ने शनिवार को अपने पैतृक गांव, हिंगोली जिले से 'स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति के

अभिजीत दीपके को NDA में शामिल होने का न्योता, मंत्री का ऑफर!
फोटो: Abhijeet Dipke Gets NDA Invite

अभिजीत दीपके NDA: राजनीति में आने का प्रस्ताव

अभिजीत दीपके NDA: अभिजीत दीपके को राजनीति में कदम रखने का प्रस्ताव मिला है। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। हालांकि, इस पर दीपके की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि दीपके लगातार राजनीति से दूर रहने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं।


दीपके ने जून-जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन की अगुवाई की थी। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने सोमवार को कहा कि डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर के सपने को पूरा करने और समाज एवं पार्टी को मजबूत करने के लिए अभिजीत दीपके को RPI(A) में शामिल होना चाहिए।


दीपके का राजनीतिक भविष्य

अभिजीत दीपके NDA: रायटर्स से बातचीत में अभिजीत दीपके ने राजनीति में तुरंत प्रवेश से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि यदि 'ज्यादातर लोग चाहेंगे', तो वह इस पर विचार कर सकते हैं। दीपके ने यह भी कहा कि जनता की मांग पर भविष्य में चुनाव लड़ने का विकल्प खुला है। उनका मानना है, 'भारत में मुझे नहीं लगता कि राजनीतिक पार्टी बनाना एक समाधान है।'


सीजेपी का राजनीतिक स्वरूप

अगस्त के पहले सप्ताह में, सीजेपी ने अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन किया। उस समय पार्टी ने स्पष्ट किया था कि वह फिलहाल राजनीतिक दल में परिवर्तित नहीं होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।


पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा, 'लोग चाहते हैं कि सीजेपी एक राजनीतिक दल बने। लेकिन इस समय एक और राजनीतिक दल जोड़ना उपयोगी नहीं होगा। हम धरातल पर काम करेंगे क्योंकि जागरूकता वहीं से आती है।' सीजेपी ने स्पष्ट किया कि वह राजनीतिक दल में नहीं बदलेगी।


स्कूल सुधारों की पहल

अभिजीत दीपके NDA: दीपके ने शनिवार को अपने पैतृक गांव, हिंगोली जिले से 'स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर गरीब छात्रों पर पड़ रहा है। उन्होंने निजी स्कूलों की फीस सीमित करने की भी मांग की।


दीपके ने संवाददाताओं को बताया, 'भारत को आजाद हुए 80 साल हो गए हैं और अगर सरकारी स्कूलों में पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं है, तो देश का विकास कैसे होगा?' उन्होंने स्कूलों की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि उनकी टीम ने एक सूची तैयार की है, जिसमें स्कूलों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का विवरण होगा।


अगले चरण की तैयारी

दीपके ने कहा कि अभियान के अगले चरण में वह महाराष्ट्र के अन्य तालुकों के सरकारी स्कूलों में जाकर सुविधाओं का निरीक्षण करेंगे। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने राजस्थान के स्कूलों में भी जाने का ऐलान किया है।


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