अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के भारत दौरे और जामनगर रिफाइनरी के निरीक्षण के दौरान पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की एक पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। इस तस्वीर में हरदीप सिंह पुरी नाबालिग यौन अपराधों में दोषी ठहराए गए अमेरिकी कारोबारी जेफरी एपस्टीन के साथ नजर आ रहे हैं। इस घटनाक्रम ने देश की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है, जिसमें विपक्ष सरकार पर गंभीर सवाल उठा रहा है।
यह तस्वीर अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी की गई एपस्टीन फाइलों के डेटा सेट का हिस्सा है। वायरल तस्वीर में पुरी और एपस्टीन एक ही कमरे में दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने दावा किया है कि पुरी और एपस्टीन के बीच कई ईमेल्स का आदान-प्रदान हुआ था और कई मुलाकातें भी हुई थीं, जो कि उस समय की हैं जब पुरी केंद्र सरकार में मंत्री नहीं थे। दूसरी ओर, हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि वे एपस्टीन से एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में मिले थे और उनके निजी संबंधों या आइलैंड पर जाने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
इस विवाद के बीच मार्को रूबियो का भारत दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। रूबियो ने मुंबई और जामनगर का दौरा किया, जहां उन्होंने मुकेश अंबानी और रिलायंस समूह के अधिकारियों के साथ ऊर्जा बाजारों और व्यापारिक विषयों पर चर्चा की। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका ने दबाव बनाया था, जिसके बाद भारत ने वेनेजुएला से भारी कच्चा तेल खरीदना शुरू किया। जामनगर रिफाइनरी इस भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने में सक्षम है, और अमेरिका चाहता है कि रिलायंस वेनेजुएला के तेल को अधिक प्रोसेस करे, जिससे अमेरिकी बाजार में डीजल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।
राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस पूरी स्थिति पर सरकार को घेरा है और पूछा है कि क्या इन खुलासों के जरिए भारत पर कोई व्यापारिक दबाव बनाया जा रहा है। राहुल गांधी ने अपनी 'पज़ल 16' के जरिए भी सरकार पर तंज कसा है। बहरहाल, ऊर्जा कूटनीति, व्यापार समझौतों और एपस्टीन फाइलों के इस नए खुलासे ने राजनीतिक गलियारों में गर्मी बढ़ा दी है।
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