इस दौरान केजरीवाल ने यह भी कहा कि यह पानी इतनी खतरनाक स्थिति में है कि आम आदमी के लिए इसे पीना असंभव है, और यही कारण है कि वह चुनाव आयुक्त को इसे पीने का चैलेंज दे रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले को लेकर आतिशी और भगवंत मान ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की अपील की थी, लेकिन चुनाव आयोग ने इस पर कोई कदम नहीं उठाया और इसके बजाय नोटिस भेज दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जानबूझकर दिल्ली में जहरीला पानी भेजा है, जिसके कारण दिल्ली में जल संकट पैदा हुआ। इसके लिए उन्होंने नायब सिंह सैनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
केजरीवाल ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि अगर आयोग ने ध्यान नहीं दिया तो यह कदम भविष्य में और भी विनाशकारी हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और प्रदूषण की समस्या को लेकर कड़े कदम उठाने चाहिए।
केजरीवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि वे चुनाव आयोग कार्यालय में बिना अपॉइंटमेंट के पहुंचे हैं, और उनका उद्देश्य केवल यह था कि इस प्रदूषण की समस्या का समाधान निकाला जाए। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाए और दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए जाएं।
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